बारिश से गेहूं, चना और सरसों की फसल चौपट, किसान सभा ने की मुआवजा पोर्टल खोलने की मांग

हरियाणा के हिसार और जींद जिलों में अचानक ओले और बारिश से रबी की फसलें प्रभावित हुई हैं. गेहूं, सरसों, चना और जौ को नुकसान पहुंचा है. किसानों ने राज्य सरकार से विशेष गिर्दावरी और मुआवजे की मांग की है. मौसम विशेषज्ञों ने इसे पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 1 Apr, 2026 | 04:58 PM

Haryana News: हरियाणा में मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, चना और सरसों की फसल को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा. तेज हवा चलने से फसल जमीन पर गिर गई है. साथ ही बारिश के चलते गेहूं की क्वालिटी पर भी असर पड़ा है. खासकर हिसार और जींद जिलों के कई गांवों में फसल नुकसान ज्यादा हुआ है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी. वहीं, प्रदेश में गेहूं की खरीदी भी शुरू हो गई है. अब बारिश के चलते किसानों को फसल कटाई के लिए एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ सकता है. वहीं, ऑल इंडिया किसान सभा ने मुआवजे के लिए पोर्टल जल्द खोलने की मांग की है.

किसानों ने कहा कि गेहूं, सरसों, जौ, चना और चारे की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं. ओले और तेज  हवा से फसलें गिरने के कारण भारी नुकसान का डर बढ़ गया है. अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है, लेकिन किसानों का कहना है कि नुकसान काफी हुआ है और उन्होंने राज्य सरकार से विशेष गिर्दावरी कर नुकसान का मूल्यांकन और मुआवजा देने की मांग की है.

पश्चिमी विक्षोभ के चलते हो रही बारिश

विशेषज्ञों ने अचानक मौसम परिवर्तन को पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) से जोड़ा है. चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख ने कहा है कि ऐसे मौसम की स्थिति बुधवार तक बनी रहने की संभावना है. इस बीच, ऑल इंडिया किसान सभा ने व्यापक फसल नुकसान  को लेकर सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है.

किसानों ने की मुवाजे की मांग

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, एक संयुक्त बयान में जिला अध्यक्ष कपूर सिंह बागला, जिला सचिव सरबत सिंह पुनिया और जिला उपाध्यक्ष शमशेर नंबरदार ने कहा कि हिसार के कई गांवों में पिछले दो दिनों में गेहूं, सरसों और चने की फसलें प्रभावित हुई हैं. किसान नेताओं ने कहा कि मुआवजे के लिए पोर्टल जल्द खोला जाए और प्रशासन द्वारा विशेष गिर्दावरी कर नुकसान का सही आकलन किया जाए. किसान राम प्रकाश बिश्नोई ने द ट्रिब्यून से कहा कि ओले पकी हुई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन छोटे ओलों वाले इलाकों में ज्यादा असर नहीं हुआ.

बारिश से तापमान में गिरावट

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मंगलवार को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश  हुई. महेन्द्रगढ़ में सबसे ज्यादा 8 मिमी और हिसार में 7.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. इस मौसम के चलते राज्य में औसत अधिकतम तापमान में 0.3°C की गिरावट आई. हिसार जिले के खारिया, डोभी, शाहपुर, मातरश्यम, कीर्तन, सिसवाला और रावलवास जैसे गांवों में तेज ओले और बारिश से खड़ी फसलों का ज्यादा नुकसान पहुंचा है.

हरियाणा में आज से शुरू हुई गेहूं की खरीदी

हरियाणा में रबी सीजन 2026-27 के तहत 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है, जो 15 मई तक चलेगी. इस बार खरीद प्रक्रिया बायोमेट्रिक आधारित है, लेकिन किसान की जगह उसके द्वारा नामित व्यक्ति भी सत्यापन करा सकता है. गेहूं की नमी सीमा 12 फीसदी तय की गई है और सरकार ने MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल रखते हुए 72 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है.

 

 

 

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Published: 1 Apr, 2026 | 04:53 PM
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