तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को खरीफ सीजन में धान खरीद के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकार 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीजन में करीब 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने की तैयारी कर रही है. इस खरीद अभियान पर राज्य सरकार करीब 18,250 करोड़ रुपये खर्च करेगी. मंत्री ने अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने और किसानों को किसी तरह की परेशानी न होने देने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा है.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना सरकार 1 अक्टूबर तक राज्य में 8,283 धान खरीद केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है. इनमें 3,180 IKP, 4,372 PACS और 731 केंद्र दूसरी एजेंसियों की ओर से संचालित किए जाएंगे. सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों से राज्य की पसंदीदा 7 धान किस्मों की देश और विदेश में मांग का आकलन करने को कहा है. उन्होंने तेलंगाना के चावल के निर्यात को बढ़ाने के लिए लंबे समय की रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए.
नवंबर-दिसंबर में बढ़ेगी धान की आवक
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि कई बार सरकार की ओर से खरीदे गए अनाज को बाद में खरीद लागत से कम कीमत पर बेचना पड़ता है. उन्होंने कहा कि चावल का निर्यात बढ़ाने से तेलंगाना की उपज की मांग बढ़ेगी और सरकार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा. तेलंगाना में इस खरीफ सीजन करीब 57.70 लाख एकड़ में धान की खेती से 119.57 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है. राज्य की खरीद एजेंसी TGSCSCL करीब 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदेगी. इसमें 45 लाख टन बारीक और 20 लाख टन मोटे धान की खरीद होगी. धान की सबसे ज्यादा आवक नवंबर और दिसंबर में होने की उम्मीद है. इस दौरान क्रमशः 24.72 लाख और 25.32 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में आ सकता है.
धान खरीद से पहले स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट की तैयारी
वहीं, खरीद को देखते हुए मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को पहले से स्टोरेज, बोरियां, परिवहन और हमालियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए. उन्होंने परिवहन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा. मंत्री ने निर्देश दिया कि धान परिवहन का ठेका लेने वाली कंपनियों के पास पर्याप्त संख्या में ट्रक हों या उनकी उपलब्धता की पक्की व्यवस्था हो. धान खरीद के लिए करीब 16.25 करोड़ जूट की बोरियों की जरूरत है. फिलहाल 3.50 करोड़ बोरियां उपलब्ध हैं, जबकि बाकी बोरियों की खरीद की जा रही है. जिलों को धान रखने के लिए पहले से स्टोरेज प्लान तैयार करने को कहा गया है. इसमें APMC यार्ड, SWC और CWC के गोदाम, रायतु वेदिका, सरकारी भवन और अन्य तय जगहों का इस्तेमाल किया जाएगा.