Animal Quarantine: गांवों में पशुपालन किसानों की आमदनी का बड़ा सहारा है. कई किसान दूध बढ़ाने या झुंड बड़ा करने के लिए नए पशु खरीदते हैं. लेकिन अक्सर जल्दबाजी में नया पशु सीधे पुराने झुंड में मिला दिया जाता है, जिससे पूरे झुंड में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसी को देखते हुए मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने पशुपालकों को सलाह दी है कि नया पशु खरीदते समय सावधानी जरूर बरतें और उसे कुछ समय तक अलग रखकर ही झुंड में शामिल करें. इससे पूरे पशुधन को बीमारी से बचाया जा सकता है.
नया पशु खरीदते समय बरतें जरूरी सावधानी
मंत्रालय के अनुसार जब भी किसान नया पशु खरीदें, तो उसकी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए. कई बार बाहर से खरीदे गए पशु में ऐसी बीमारी हो सकती है, जिसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते. अगर ऐसे पशु को सीधे झुंड में मिला दिया जाए तो संक्रमण दूसरे पशुओं में भी फैल सकता है. इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि पशु खरीदते समय उसकी हालत, खाने की आदत और शरीर की स्थिति को ध्यान से देखना चाहिए. साथ ही कोशिश करें कि पशु विश्वसनीय जगह से ही खरीदा जाए और खरीदने के बाद उसकी सही देखभाल की जाए.
नया पशु तुरंत झुंड में क्यों नहीं मिलाना चाहिए
कई पशुपालक नया पशु खरीदते ही उसे सीधे दूसरे पशुओं के साथ बांध देते हैं. लेकिन यह तरीका सही नहीं माना जाता. मंत्रालय के अनुसार हर पशु का शरीर और रोग प्रतिरोधक क्षमता अलग होती है. नया पशु किसी ऐसे संक्रमण का वाहक हो सकता है जो अभी तक आपके झुंड में नहीं है. ऐसे में अगर उसे तुरंत झुंड में मिला दिया जाए तो बीमारी तेजी से फैल सकती है और कई पशु एक साथ बीमार हो सकते हैं. इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी हो सकता है.
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नया पशु खरीदते समय सावधानी बेहद जरूरी है।
उसे तुरंत झुंड में शामिल करने के बजाय 28 दिन क्वारंटीन रखें और स्वास्थ्य व टीकाकरण के लिए पशु चिकित्सक की सलाह लें।
यह छोटा कदम पूरे झुंड को बीमारी से सुरक्षित रखने में मदद करता है।
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— Dept of Animal Husbandry & Dairying, Min of FAH&D (@Dept_of_AHD) March 6, 2026
कम से कम 2 सप्ताह अलग रखना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि नया पशु खरीदने के बाद उसे कम से कम दो सप्ताह तक अलग शेड में रखना चाहिए. इस दौरान पशुपालक को उसके खानपान, व्यवहार और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए. अगर पशु में किसी तरह की कमजोरी, बुखार या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए. अलग रखने से यह भी पता चल जाता है कि पशु पूरी तरह स्वस्थ है या नहीं. अगर कोई बीमारी होती है तो वह बाकी पशुओं तक नहीं पहुंच पाती.
28 दिन क्वारंटीन रखना सबसे सुरक्षित तरीका
मंत्रालय के अनुसार और ज्यादा सुरक्षित तरीका यह है कि नए पशु को लगभग 28 दिन तक क्वारंटीन में रखा जाए. क्वारंटीन का मतलब है कि पशु को पूरी तरह अलग स्थान पर रखा जाए, जहां उसका संपर्क दूसरे पशुओं से न हो. इस दौरान उसके स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर टीकाकरण भी कराया जाए. पशु चिकित्सक की सलाह से अगर सही समय पर टीकाकरण और जांच हो जाए, तो पशु पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उसे झुंड में शामिल किया जा सकता है.
छोटा कदम, पूरे झुंड को बड़ी सुरक्षा
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कहना है कि यह छोटा सा कदम पूरे झुंड को बड़ी बीमारी से बचा सकता है. अगर पशुपालक नए पशु को तुरंत झुंड में शामिल करने के बजाय कुछ दिन अलग रखें, तो संक्रमण फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है. इससे न सिर्फ पशुओं का स्वास्थ्य अच्छा रहता है बल्कि दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय भी प्रभावित नहीं होती. विशेषज्ञों का मानना है कि पशुपालन में थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी अपनाकर किसान अपने पशुधन को सुरक्षित रख सकते हैं और लंबे समय तक अच्छा लाभ कमा सकते हैं.