खेती से कम कमाई हो रही? तो खोलिए गायों की डेयरी, सरकार दे रही 31.25 लाख की सब्सिडी

अगर आप खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का रास्ता तलाश रहे हैं, तो यह योजना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालकों को आधुनिक डेयरी स्थापित करने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता दे रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और किसानों को नियमित आय का मजबूत साधन मिलेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 Jun, 2026 | 06:00 AM

Dairy Farming: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में पशुपालन विभाग की ओर से संचालित नंदिनी कृषक समृद्धि योजना पशुपालकों के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है. योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने पर सरकार 31.25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है. विभाग का मानना है कि खेती के साथ डेयरी व्यवसाय किसानों को नियमित आय का मजबूत स्रोत उपलब्ध करा सकता है.

25 पशुओं की डेयरी पर मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी

उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के अनुसार, योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट स्थापित की जाएगी. इस परियोजना की कुल लागत लगभग 62.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इसमें सरकार 50 प्रतिशत यानी 31.25 लाख रुपये का अनुदान देगी. वहीं कुल लागत का 35 प्रतिशत हिस्सा बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि शेष 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं निवेश करनी होगी. इससे पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और आधुनिक डेयरी स्थापित करना आसान बनेगा.

योजना का लाभ लेने के लिए ये शर्तें जरूरी

योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक के पास कम से कम तीन वर्ष का पशुपालन अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा डेयरी शेड निर्माण  के लिए लगभग आधा एकड़ भूमि और हरे चारे की व्यवस्था के लिए करीब डेढ़ एकड़ जमीन होना आवश्यक है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले किसी समान सरकारी डेयरी योजना का लाभ लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे. आवेदन के समय सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा.

तीन चरणों में जारी होगी अनुदान राशि

सरकार की ओर से सब्सिडी  की राशि एकमुश्त नहीं दी जाएगी. पहले चरण में डेयरी शेड और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के बाद पहली किस्त जारी होगी. दूसरे चरण में दुधारू पशुओं की खरीद और डेयरी संचालन शुरू होने पर अगली किस्त मिलेगी. इसके बाद निर्धारित मानकों और निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने पर अंतिम किस्त जारी की जाएगी. इससे परियोजना की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी.

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

इच्छुक पशुपालक नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल  पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के दौरान आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक पासबुक की प्रति और पशुपालन अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. आवेदन जमा होने के बाद पशुपालन विभाग दस्तावेजों की जांच करेगा. पात्र पाए जाने वाले आवेदकों का चयन कर उन्हें योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा. अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय या पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं.

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Published: 26 Jun, 2026 | 06:00 AM

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