Fish Farming Bihar: बिहार में मछली पालन को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अब राज्य के मत्स्यपालकों, युवाओं और उद्यमियों को तकनीकी सलाह, आधुनिक ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हैदराबाद तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, मत्स्य निदेशालय के अनुसार, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) का क्षेत्रीय कार्यालय जल्द ही पटना में शुरू होगा. शुरुआती दौर में इसका संचालन मीठापुर स्थित मत्स्य भवन से किया जाएगा. इससे मछली पालन से जुड़े किसानों को योजनाओं की जानकारी और सहायता पहले से ज्यादा आसानी से मिल सकेगी.
मछली पालकों को मिलेगा सीधा फायदा
विभाग के अनुसार यह फैसला नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया. केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिहार के मत्स्य, डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की गई. पटना में क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब बिहार के मछली पालकों को तकनीकी सलाह, प्रोजेक्ट गाइडेंस, आधुनिक पालन तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी स्थानीय स्तर पर मिल जाएगी. इससे छोटे किसानों और नए उद्यमियों को भी तेजी से मदद मिल सकेगी. जब तक पटना में स्थायी भवन तय नहीं होता, तब तक यह कार्यालय मीठापुर स्थित मत्स्य भवन से काम करेगा. इससे योजनाओं का लाभ बिना देरी के शुरू किया जा सकेगा.
सरकारी योजनाओं का लाभ अब होगा और आसान
विभाग ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY), पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड जैसी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. इन योजनाओं का मकसद मछली उत्पादन बढ़ाना, कोल्ड स्टोरेज, तालाब विकास, फीड यूनिट, हैचरी और मार्केटिंग सिस्टम को मजबूत करना है. अब पटना में क्षेत्रीय कार्यालय होने से इन योजनाओं की मंजूरी, दस्तावेजी प्रक्रिया और तकनीकी सलाह में तेजी आएगी. मछली पालन से जुड़े किसान अब आसानी से यह जान सकेंगे कि किस योजना में कितना अनुदान मिलेगा, आवेदन कैसे करना है और किस तकनीक से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. इससे राज्य में मत्स्य क्षेत्र को मजबूत आधार मिलेगा.
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युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार का बड़ा मौका
बिहार में बड़ी संख्या में युवा अब मछली पालन को व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं. ऐसे में NFDB का क्षेत्रीय कार्यालय रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगा. विभाग के अनुसार युवाओं को ट्रेनिंग, बिजनेस मॉडल, फिश प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केट लिंक जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलेंगी. इससे स्टार्टअप और छोटे उद्यमियों को भी फायदा होगा. गांवों में तालाब आधारित रोजगार, फीड निर्माण, बीज उत्पादन और प्रोसेसिंग यूनिट जैसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ेगी.
डेयरी और पशुपालन सेक्टर पर भी सरकार का जोर
बैठक में सिर्फ मत्स्य पालन ही नहीं, बल्कि डेयरी और पशुपालन क्षेत्र की योजनाओं की भी समीक्षा की गई. विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य में हो रही प्रगति का पूरा ब्यौरा साझा किया. केंद्र और राज्य के अधिकारियों के बीच इस बात पर जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ तेजी से किसानों और पशुपालकों तक पहुंचे. सरकार का फोकस अब इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पर भी है, जहां किसान मछली पालन, डेयरी और पशुपालन को साथ जोड़कर सालभर कमाई कर सकें. इससे जोखिम कम होगा और आय के कई स्रोत बनेंगे. कुल मिलाकर, बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, मत्स्य निदेशालय के अनुसार पटना में NFDB का क्षेत्रीय कार्यालय खुलना राज्य के मत्स्य क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. इससे योजनाओं का लाभ जमीन तक पहुंचेगा, तकनीक आसान होगी और मछली पालन को नया बाजार मिलेगा. आने वाले समय में यह कदम बिहार को मत्स्य उत्पादन और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है.