ठंड में मुर्गी पालन कैसे बनेगा मुनाफे का सौदा? बिहार सरकार ने जारी की जरूरी सलाह

सर्दी का मौसम मुर्गी पालन करने वालों के लिए चुनौती भरा होता है. खासकर चूजों को सही तापमान और देखभाल न मिले, तो भारी नुकसान हो सकता है. बिहार सरकार ने ठंड के मौसम में मुर्गियों की सुरक्षा और उत्पादन बनाए रखने के लिए जरूरी सलाह जारी की है, जिसे अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 1 Jan, 2026 | 09:20 PM

Poultry Farming : सर्दी का मौसम जहां इंसानों के लिए मुश्किलें बढ़ाता है, वहीं मुर्गी पालन करने वालों के लिए यह समय और भी ज्यादा सतर्क रहने का होता है. जरा-सी लापरवाही से चूजों की सेहत बिगड़ सकती है और नुकसान झेलना पड़ सकता है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार ठंड के मौसम में सही तापमान और देखभाल से न सिर्फ चूजों को बचाया जा सकता है, बल्कि मुर्गी पालन को मुनाफे का सौदा भी बनाए रखा जा सकता है.

ठंड में क्यों जरूरी है खास प्रबंधन

ठंड के दिनों में तापमान गिरते ही मुर्गियों, खासकर छोटे चूजों पर इसका सीधा असर पड़ता है. चूजों का शरीर खुद से गर्मी नहीं बना पाता, इसलिए उन्हें बाहरी गर्मी की जरूरत होती है. अगर समय पर तापमान नियंत्रित न किया जाए, तो चूजों में सर्दी लगने, सुस्ती आने और मौत तक का खतरा बढ़ जाता है. विभाग के अनुसार, ठंड में सही प्रबंधन से चूजों की बढ़वार अच्छी होती है और बीमारी का खतरा  कम रहता है.

चूजों के लिए सही तापमान कितना जरूरी

बिहार सरकार के पशुपालन निदेशालय के मुताबिक, चूजों के लिए सही तापमान सबसे अहम है. चूजों के शुरुआती दिनों में तापमान लगभग 30 से 35 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. अगर तापमान इससे कम हो जाए, तो चूजे एक-दूसरे के पास सिमटने लगते हैं, जिससे दबने और मरने का खतरा रहता है. वहीं ज्यादा गर्मी होने पर वे हांफने लगते हैं. इसलिए संतुलित तापमान बनाए रखना बहुत जरूरी है.

हीटर, बल्ब और अंगीठी का सही इस्तेमाल

ठंड से बचाव के लिए किसान हीटर, बल्ब या अंगीठी  का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, अंगीठी का प्रयोग करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि उसका धुआं बाहर निकलता रहे. बंद जगह में धुआं भरने से मुर्गियों को सांस की परेशानी हो सकती है. बल्ब या हीटर को इस तरह लगाएं कि गर्मी पूरे शेड में समान रूप से फैले. समय-समय पर तापमान की जांच करते रहें, ताकि चूजों को न ज्यादा ठंड लगे और न ज्यादा गर्मी.

वयस्क मुर्गियों को भी ठंड से बचाना जरूरी

अक्सर लोग सोचते हैं कि ठंड का असर सिर्फ चूजों पर होता है, लेकिन वयस्क मुर्गियों को भी ठंडी हवा से बचाना जरूरी है. खुले में ठंडी हवा लगने  से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और अंडा उत्पादन भी घट सकता है. शेड को चारों ओर से ढककर रखें, हवा के सीधे झोंकों को रोकें और सूखा बिछावन इस्तेमाल करें. इससे मुर्गियां स्वस्थ रहेंगी और उत्पादन पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की सलाह है कि ठंड के मौसम में मुर्गी पालन करने वाले किसान तापमान नियंत्रण और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. थोड़ी-सी सावधानी और सही व्यवस्था से चूजों की सुरक्षा के साथ-साथ मुर्गी पालन को फायदे का सौदा बनाया जा सकता है.

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