Goat Farming: गांवों में बकरी पालन कई परिवारों की आमदनी का अहम जरिया है. लेकिन जैसे ही गर्मी का मौसम शुरू होता है, बकरियों की सेहत को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है. तेज धूप, लू और गर्म हवाएं बकरियों को बीमार बना सकती हैं. कई बार सही जानकारी न होने की वजह से पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने बकरी पालकों के लिए कुछ आसान और जरूरी उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर बकरियों को स्वस्थ रखा जा सकता है.
तेज धूप से बचाव है सबसे जरूरी
गर्मी के मौसम में सबसे बड़ा खतरा तेज धूप और लू से होता है. अगर बकरियां ज्यादा देर तक धूप में रहती हैं, तो उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और वे बीमार पड़ सकती हैं. विभाग के अनुसार, बकरियों को हमेशा छायादार जगह पर रखना चाहिए. जहां हवा का अच्छा इंतजाम हो, वहां बकरियां ज्यादा आराम महसूस करती हैं. अगर खुले में बांधना जरूरी हो, तो ऊपर टीन या घास-फूस की छत बनाकर छाया का इंतजाम जरूर करें. ध्यान रखें कि धूप से बचाव करना ही बीमारी से बचाव का पहला कदम है.
दोपहर में चराने से करें परहेज
अक्सर देखा जाता है कि पशुपालक दिन के किसी भी समय बकरियों को चराने ले जाते हैं. लेकिन गर्मी में यह आदत नुकसानदायक हो सकती है. पशुपालन विभाग की सलाह है कि दोपहर की तेज धूप में बकरियों को चराने नहीं ले जाना चाहिए. इस समय तापमान सबसे ज्यादा होता है, जिससे बकरियों को लू लगने का खतरा रहता है. अगर इस बात को नजरअंदाज किया गया, तो बकरियां कमजोर पड़ सकती हैं और उनका वजन भी घट सकता है.
सुबह-शाम चराई का सही समय
गर्मी में बकरियों को स्वस्थ रखने के लिए चराई का सही समय चुनना बहुत जरूरी है. विभाग के मुताबिक, सुबह और शाम का समय चराई के लिए सबसे अच्छा होता है. इस समय मौसम ठंडा रहता है और बकरियां आराम से घास खा सकती हैं. सुबह जल्दी और शाम को सूरज ढलने के बाद चराने से बकरियों को ना सिर्फ आराम मिलता है, बल्कि उनका पाचन भी बेहतर रहता है. इससे उनका विकास सही तरीके से होता है और उत्पादन भी अच्छा रहता है.
छोटी सावधानी से मिलेगा बड़ा फायदा
गर्मी के मौसम में बकरी पालन थोड़ा मुश्किल जरूर हो जाता है, लेकिन सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी से इसे आसान बनाया जा सकता है. अगर बकरियों को छाया में रखा जाए, दोपहर की धूप से बचाया जाए और सही समय पर चराई कराई जाए, तो वे बीमारियों से दूर रहती हैं. इससे इलाज पर होने वाला खर्च भी बचता है और पशुपालकों को ज्यादा मुनाफा मिलता है. यही वजह है कि पशुपालन विभाग लगातार पशुपालकों को जागरूक कर रहा है, ताकि वे इन आसान उपायों को अपनाकर अपनी बकरियों को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकें.