महाराष्ट्र में मछली उत्पादन 47 प्रतिशत बढ़ा, अब AI से झीलों का डेटा जुटाएगी सरकार

Maharashtra fish production: केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में पिछले एक वर्ष के दौरान मछली उत्पादन में लगभग 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह वृद्धि मत्स्य पालन क्षेत्र में बढ़ते निवेश, बेहतर तकनीक और सरकारी योजनाओं के कारण संभव हुई है.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 14 Mar, 2026 | 08:46 AM

Maharashtra fish production: महाराष्ट्र में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से विकास की राह पर है. राज्य सरकार अब इस क्षेत्र को आधुनिक तकनीक के जरिए और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है. खासतौर पर मीठे पानी की मछली उत्पादन (Freshwater Fisheries) को बढ़ाने के लिए सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है.

महाराष्ट्र के मत्स्य विकास मंत्री नितेश राणे (Nitesh Rane) ने विधानसभा में बजट मांगों पर चर्चा के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार राज्य भर की झीलों और जलाशयों का AI तकनीक से मैपिंग और डेटा संग्रह कर रही है, जिससे मछली उत्पादन को बेहतर तरीके से बढ़ाया जा सके. सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर योजना और नई योजनाओं के जरिए राज्य में मत्स्य पालन को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिलेगा.

AI तकनीक से होगी झीलों और जलाशयों की निगरानी

बिजनेसलाइन खबर के अनुसार, नितेश राणे ने बताया कि राज्य सरकार ने एक निजी तकनीकी कंपनी के सहयोग से AI आधारित सिस्टम शुरू किया है. इसके माध्यम से राज्य की झीलों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग की जा रही है. इस प्रक्रिया के जरिए सरकार को यह पता चल सकेगा कि किस जलाशय में कितनी मछली का उत्पादन हो रहा है और किन जगहों पर उत्पादन बढ़ाने की संभावना है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कई झीलें और जलाशय पिछले 30 से 40 वर्षों से अलग-अलग संस्थाओं को आवंटित किए गए हैं, लेकिन इन जल स्रोतों से होने वाले वास्तविक मछली उत्पादन का सही आंकड़ा उपलब्ध नहीं था.

अब AI आधारित निगरानी और डिजिटल डेटा के जरिए सरकार को सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे मत्स्य पालन की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी.

गाद हटाने से 20–30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है उत्पादन

सरकार के अनुसार राज्य के कई तालाबों और झीलों में वर्षों से गाद जमा हो चुकी है. इससे पानी की गहराई कम हो जाती है और मछलियों के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बन पाता. मत्स्य विभाग का अनुमान है कि यदि इन जलाशयों की नियमित सफाई और गाद निकालने (Desilting) का काम किया जाए तो मछली उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है. सरकार अब झील संचालकों और स्थानीय संस्थाओं के साथ मिलकर इस दिशा में काम करने की योजना बना रही है.

देश में 16वें स्थान पर है महाराष्ट्र

महाराष्ट्र फिलहाल देश में मीठे पानी की मछली उत्पादन के मामले में 16वें स्थान पर है. राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस स्थिति को बेहतर बनाना है.

इसके लिए सरकार तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है:

  • आधुनिक तकनीक का उपयोग
  • जलाशयों का वैज्ञानिक प्रबंधन
  • मछली पालकों को बेहतर सहायता

सरकार का मानना है कि इन कदमों से राज्य में मत्स्य उत्पादन में तेजी आएगी.

47 प्रतिशत बढ़ा मछली उत्पादन

केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में पिछले एक वर्ष के दौरान मछली उत्पादन में लगभग 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह वृद्धि मत्स्य पालन क्षेत्र में बढ़ते निवेश, बेहतर तकनीक और सरकारी योजनाओं के कारण संभव हुई है.

मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू करने की तैयारी

नितेश राणे ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना के तहत मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कुल 28 नई पहलें शुरू की जाएंगी.

इनमें 6 राज्य स्तरीय योजनाएं, 19 जिला स्तरीय कार्यक्रम शामिल हैं. इन योजनाओं के लिए सरकार ने 1,024 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना, मत्स्य किसानों की आय बढ़ाना और इस क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देना है.

युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

सरकार का कहना है कि मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास परियोजनाओं के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं.

पालघर जिले में बनने वाले वधावन पोर्ट (Vadhavan Port) के आसपास स्थानीय युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे भविष्य में उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा

राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, नई योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत किया जा सकता है. यदि योजनाएं सफल रहती हैं, तो इससे न केवल मछली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

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Published: 14 Mar, 2026 | 08:42 AM
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