Animal Husbandry : गोवंश संरक्षण को नई रफ्तार, दो नई गोशालाओं को मंजूरी और पशुपालन पर खास जोर

बांदा जिले में गोवंश संरक्षण और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए दो नई गोशालाओं के निर्माण को मंजूरी दी गई है. बैठक में चरागाहों को कब्जा मुक्त करने, पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने और काऊ टूरिज्म जैसे नए प्रयोगों पर जोर दिया गया.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 22 Jan, 2026 | 03:55 PM

Cow Shelter : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सड़कों और खेतों में भटकते निराश्रित गोवंश की चिंता अब प्रशासन की प्राथमिकता बनती दिख रही है. गांव से लेकर शहर तक लोग चाहते हैं कि पशुओं को सुरक्षित ठिकाना मिले और किसानों को फसलों के नुकसान से राहत. इसी सोच के साथ विकास भवन सभागार, बांदा में एक अहम बैठक हुई, जिसमें गोवंश संरक्षण और पशुधन विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए.

बांदा में दो नई गोशालाओं को मिली हरी झंडी

बांदा जिले में निराश्रित गोवंश के संरक्षण  के लिए दो नई गोशालाओं के निर्माण को स्वीकृति दी गई है. बुधवार को विकास भवन में आयोजित बैठक के दौरान पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि सड़कों और खेतों में घूम रहे गोवंश को सुरक्षित आश्रय देना समय की जरूरत है. नई गोशालाओं के बनने से पशुओं को बेहतर देखभाल मिलेगी और किसानों को फसल नुकसान से राहत मिलेगी.

खेती और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक

बैठक में दुग्ध विकास  एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने जोर देकर कहा कि कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं. अगर पशुपालन को मजबूत किया जाए, तो किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी मदद मिल सकती है. उन्होंने पशुपालन को किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बताया. साथ ही गौशाला, पाठशाला और व्यायामशाला की पारंपरिक सोच का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के संतुलित विकास  में इनकी अहम भूमिका रही है और आगे भी बनी रहनी चाहिए.

चरागाह होंगे कब्जा मुक्त, चारे की होगी बेहतर व्यवस्था

सरकारी चरागाहों पर अतिक्रमण को लेकर मंत्री ने सख्त निर्देश दिए. राजस्व और पुलिस विभाग को कहा गया कि चरागाहों को कब्जा मुक्त कराया जाए और वहां पर्याप्त चारे की व्यवस्था की जाए. इससे गोवंश को खुले में भटकने से रोका जा सकेगा. साथ ही सर्दी के मौसम को देखते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में समय पर त्रिपाल, चारा  और अन्य जरूरी इंतजाम पूरे किए जाएं.

काऊ टूरिज्म और स्वरोजगार की नई पहल

बैठक में महोबा से आए काऊ टूरिज्म मॉडल की खास सराहना की गई. मंत्री ने कहा कि इस मॉडल को बांदा, चित्रकूट जैसे धार्मिक क्षेत्रों में भी लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने स्कूली बच्चों को ऐसे स्थलों के भ्रमण के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया. इसके साथ ही नस्ल सुधार, गोबर और गोमूत्र से उत्पाद बनाकर किसानों की आय बढ़ाने, और मुर्गी, सूकर व बकरी पालन  को स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही गई. नगर पालिका को कान्हा गौशाला के बेहतर प्रबंधन और बासी रोटी संग्रहण के लिए ई-रिक्शा के प्रभावी संचालन के निर्देश भी दिए गए.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 22 Jan, 2026 | 03:55 PM

सर्दियों में गुड़ का सेवन क्यों अधिक किया जाता है?