गांव से शहर तक छा रही है मुर्गी की ये नस्ल, 150 अंडे देने के लिए मशहूर… जानिए कैसे कमा सकते हैं तगड़ा मुनाफा

श्रीनिधि मुर्गी सिर्फ मांस के लिए ही नहीं, बल्कि अंडा उत्पादन के लिए भी बेहतरीन मानी जाती है. यह लगभग 165 से 170 दिनों में अंडे देना शुरू कर देती है. एक श्रीनिधि मुर्गी साल भर में औसतन 140 से 150 अंडे दे सकती है. इसके अंडे आकार में अच्छे होते हैं और पोषण से भरपूर माने जाते हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 29 Jan, 2026 | 03:58 PM

 Poultry farming: आज के दौर में अगर कोई ऐसा काम है, जो कम पूंजी में शुरू होकर अच्छी और लगातार कमाई दे सकता है, तो वह है मुर्गी पालन. गांव हो या शहर, हर जगह अंडे और चिकन की मांग साल भर बनी रहती है. बदलते समय के साथ मुर्गी पालन अब सिर्फ घरेलू जरूरत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक फायदे का व्यवसाय बन चुका है. ऐसे में अगर सही नस्ल का चुनाव कर लिया जाए, तो कम समय में अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. इन्हीं नस्लों में एक नाम तेजी से किसानों और पशुपालकों के बीच लोकप्रिय हो रहा हैश्रीनिधि मुर्गी नस्ल.

क्या है श्रीनिधि मुर्गी नस्ल?

श्रीनिधि मुर्गी एक उन्नत और बहुउपयोगी नस्ल मानी जाती है. इसे खासतौर पर इस तरह विकसित किया गया है कि यह अंडा और मांस दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो. यह नस्ल देश के अलग-अलग मौसम में आसानी से ढल जाती है, जिससे किसानों को ज्यादा परेशानी नहीं होती.जो लोग पहली बार मुर्गी पालन शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए भी श्रीनिधि मुर्गी एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प है.

तेजी से बढ़ने वाली और मजबूत नस्ल

श्रीनिधि मुर्गी की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज ग्रोथ है. यह मुर्गी बहुत कम समय में अच्छा वजन पकड़ लेती है. सामान्य तौर पर यह लगभग 6 हफ्तों में 600 से 650 ग्राम तक पहुंच जाती है और 20 हफ्तों में इसका वजन 1.7 किलो से 2 किलो तक हो सकता है. इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी मानी जाती है, जिससे दवाइयों पर खर्च कम आता है और नुकसान की संभावना भी घट जाती है.

अंडा उत्पादन में भी भरोसेमंद

श्रीनिधि मुर्गी सिर्फ मांस के लिए ही नहीं, बल्कि अंडा उत्पादन के लिए भी बेहतरीन मानी जाती है. यह लगभग 165 से 170 दिनों में अंडे देना शुरू कर देती है. एक श्रीनिधि मुर्गी साल भर में औसतन 140 से 150 अंडे दे सकती है. इसके अंडे आकार में अच्छे होते हैं और पोषण से भरपूर माने जाते हैं, जिसकी वजह से बाजार में इनकी मांग बनी रहती है.

कमाई के कई रास्ते खोलती है यह नस्ल

श्रीनिधि मुर्गी से कमाई के दो बड़े रास्ते हैं. पहला, अंडों की बिक्री और दूसरा, मांस की बिक्री. अगर आप चाहें तो दोनों को संतुलित तरीके से अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. ग्रामीण इलाकों में इसके अंडे स्थानीय बाजार में आसानी से बिक जाते हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में इसके मांस की मांग अच्छी कीमत दिला सकती है. सही देखभाल और सही मार्केटिंग के साथ यह व्यवसाय धीरे-धीरे लाखों की कमाई तक पहुंच सकता है.

कम खर्च, ज्यादा मुनाफा

इस नस्ल की एक और बड़ी खूबी यह है कि इसके पालन में खर्च तुलनात्मक रूप से कम आता है. यह सामान्य दाने और स्थानीय संसाधनों में भी अच्छी तरह पल जाती है. अगर साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और संतुलित आहार का ध्यान रखा जाए, तो उत्पादन बढ़ता है और मुनाफा भी कई गुना हो सकता है.

क्यों बढ़ रही है श्रीनिधि मुर्गी की लोकप्रियता?

आज किसान और युवा ऐसे व्यवसाय की तलाश में हैं, जिसमें जोखिम कम और आमदनी ज्यादा हो. श्रीनिधि मुर्गी इसी जरूरत को पूरा करती है. यही वजह है कि धीरे-धीरे यह नस्ल छोटे किसानों, बेरोजगार युवाओं और स्वयं सहायता समूहों की पहली पसंद बनती जा रही है.

भविष्य में और बढ़ेगा फायदा

आने वाले समय में जैसे-जैसे अंडे और चिकन की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे श्रीनिधि मुर्गी पालन से होने वाली कमाई के अवसर भी बढ़ेंगे. अगर आप सही योजना और धैर्य के साथ इस काम को शुरू करते हैं, तो यह व्यवसाय आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है.

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