पशुपालन शुरू करना आसान, मुर्गी फार्म की स्वीकृति 60 दिन में और पशु खरीदने को मिलेगा पैसा

Poultry Business: पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अब कई सेवाएं तय समय में पूरी की जाएंगी. मुर्गी फार्म खोलने की स्वीकृति 60 दिन में और गाय-भैंस खरीदने के लिए ऋण निर्धारित समय में मिलेगा. इससे पशुपालकों को व्यवसाय शुरू करने में आसानी होगी और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 8 Feb, 2026 | 09:22 PM

Poultry Farm Approval:  गांवों में पशुपालन हमेशा से आय का मजबूत सहारा रहा है. दूध, अंडा और मांस उत्पादन से जुड़े काम न सिर्फ किसानों की कमाई बढ़ाते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं. अब पशुपालकों को अपने काम शुरू करने में लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है. पशुपालन से जुड़ी कई सेवाओं को समयबद्ध बनाकर पशुपालकों को राहत देने की कोशिश की जा रही है.

मुर्गी फार्म खोलना होगा आसान

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब नया मुर्गी फार्म  खोलने की स्वीकृति 60 दिनों के भीतर मिल जाएगी. पहले इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था, जिससे पशुपालकों को परेशानी होती थी. समय तय होने से अब लोग बिना ज्यादा इंतजार किए अपना पोल्ट्री व्यवसाय शुरू कर सकेंगे. इससे ग्रामीण इलाकों  में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

गाय-भैंस खरीदने के लिए समय पर मिलेगा लोन

देसी गाय और मुर्रा भैंस खरीदने के लिए 180 दिनों के भीतर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है. इस फैसले से डेयरी व्यवसाय शुरू करने वाले पशुपालकों को आर्थिक मदद समय पर मिल सकेगी. समय पर ऋण मिलने से पशुपालन का काम शुरू  करना आसान हो जाएगा और किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा.

कई योजनाओं में तय की गई समय सीमा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पशुपालन विभाग  की सात सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल किया गया है. इसके तहत हाईटेक डेयरी, अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए पशुधन इकाई स्थापित करने और सूअर तथा भेड़-बकरी पालन के लिए 100 दिनों के भीतर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है. इस व्यवस्था से पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में पारदर्शिता और आसानी मिलेगी. अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करना होगा, जिससे योजनाओं का फायदा तेजी से लोगों तक पहुंचेगा.

पशुपालन में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल

पशुओं की नस्ल सुधार  और स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए अब जिनोमिक चिप जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. यह चिप पशुओं में होने वाले बदलाव और बीमारियों की जानकारी देने में मदद करती है. इसके अलावा हर गांव में सहकारी समितियां खोलने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पशुपालकों को सीधे योजनाओं का लाभ मिल सके. पशुपालन क्षेत्र  में ऐसे कदम किसानों और युवाओं को इस व्यवसाय की ओर आकर्षित कर सकते हैं. समय पर स्वीकृति, आसान ऋण और नई तकनीक के इस्तेमाल से पशुपालन का काम पहले से ज्यादा आसान और लाभदायक बन सकता है. इससे ग्रामीण इलाकों  में रोजगार बढ़ेगा और पशुपालकों की आय मजबूत होगी.

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Published: 8 Feb, 2026 | 09:22 PM

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