Animal Care: बदलते मौसम में दुधारू पशुओं का रखें खास खयाल, छोटी-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

मौसम बदलते समय दुधारू पशुओं की देखभाल बहुत जरूरी होती है. गोशाला का फर्श साफ और सूखा रखने के साथ पुआल या सूखी घास का बिछावन पशुओं को ठंड और बीमारियों से बचाता है. सही देखभाल से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बना रहता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 12 Mar, 2026 | 08:22 PM

Dairy Farming: मौसम बदलते ही इंसानों की तरह पशुओं पर भी उसका असर दिखने लगता है. कभी सुबह ठंड, दोपहर में गर्मी और शाम को फिर ठंडी हवा-ऐसे मौसम में दुधारू पशु जल्दी बीमार पड़ सकते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और पशुपालन निदेशालय ने पशुपालकों को जरूरी सलाह दी है. विभाग का कहना है कि अगर फर्श, बिछावन और साफ-सफाई का सही ध्यान रखा जाए तो कई बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है और दूध उत्पादन भी बना रहता है.

फर्श रखें सूखा और साफ

बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, पशुओं के रहने की जगह सबसे ज्यादा अहम होती है. अगर फर्श गीला और गंदा रहेगा तो बीमारी का खतरा बढ़ जाएगा. गीले फर्श से खुरपका-मुंहपका और थनैला जैसी बीमारियां  फैल सकती हैं. ये बीमारियां पशु की सेहत के साथ दूध उत्पादन पर भी बुरा असर डालती हैं. इसलिए जरूरी है कि गोशाला का फर्श रोज साफ किया जाए. पानी जमा न होने दें और गंदगी तुरंत हटाएं. साफ और सूखा फर्श पशु को आराम देता है और बीमारी से बचाता है.

सर्दी के अंत में बिछावन का रखें ध्यान

मौसम बदलते समय जमीन में ठंडक बनी रहती है. अगर पशु सीधे ठंडी जमीन पर बैठते हैं तो उन्हें सर्दी लग सकती है. बिहार पशुपालन विभाग ने सलाह दी है कि फर्श पर पुआल या सूखी घास बिछाई जाए. इससे जमीन की ठंडक सीधे पशु के शरीर  तक नहीं पहुंचती. बिछावन साफ और सूखा होना चाहिए. गीला पुआल तुरंत हटा देना चाहिए, वरना उसमें कीटाणु पनप सकते हैं. छोटी-सी सावधानी पशु को बड़े नुकसान से बचा सकती है.

साफ-सफाई से बढ़ेगा दूध उत्पादन

दुधारू पशु तभी अच्छा दूध देंगे जब वे स्वस्थ रहेंगे. अगर वे बार-बार बीमार पड़ेंगे तो दूध कम हो जाएगा और इलाज का खर्च अलग बढ़ेगा. गोशाला की रोज सफाई करें, पानी के बर्तन धोएं और चारे की जगह साफ रखें. समय-समय पर पशुओं की जांच  भी करवाते रहें. अगर किसी पशु में बुखार, सुस्ती या दूध कम होने के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. साफ माहौल में पशु ज्यादा आराम महसूस करते हैं और उनका उत्पादन भी बेहतर रहता है.

मौसम बदलते ही रखें खास सतर्कता

मौसम का बदलाव  पशुओं के लिए सबसे संवेदनशील समय होता है. दिन और रात के तापमान में अंतर होने से वे जल्दी प्रभावित होते हैं. इस समय उन्हें संतुलित आहार दें और साफ पानी उपलब्ध कराएं. तेज हवा और ठंडी जमीन से बचाव करें. विभाग का कहना है कि अगर पशुपालक थोड़ी जागरूकता दिखाएं तो बीमारी से बचाव आसान हो जाता है. दुधारू पशु किसान की आय का बड़ा सहारा होते हैं. उनकी सही देखभाल करना ही असली समझदारी है. साफ फर्श, सूखा बिछावन और समय पर ध्यान-यही तीन आसान कदम पशुओं को स्वस्थ  रखेंगे और दूध उत्पादन बनाए रखेंगे. मौसम बदल रहा है, इसलिए अभी से सतर्क हो जाइए और अपने पशुओं का खास ख्याल रखिए.

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Published: 12 Mar, 2026 | 08:22 PM
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