योगी कैबिनेट के बड़े फैसले.. गौशालाओं पर 8 करोड़ रोज खर्च, पशुधन सुधार और बीमा योजनाओं को मंजूरी

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों में से 28 को मंजूरी मिली. बैठक में पशुधन बीमा योजना, गौशालाओं के सुधार, ESIC मेडिकल कॉलेज और अस्पताल निर्माण जैसे बड़े फैसले लिए गए. इसके साथ ही श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा में आरक्षण का भी निर्णय हुआ, जिससे कई वर्गों को लाभ मिलेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 6 Jul, 2026 | 02:13 PM

UP Cabinet Decisions: राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में 29 प्रस्तावों में से 28 को मंजूरी दी गई, जिनमें पशुधन, स्वास्थ्य, श्रम और सामाजिक कल्याण से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं. सरकार ने सीएम जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना के तहत पशुओं का व्यापक बीमा लागू करने का फैसला किया है, जिससे दैवीय आपदा, बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

पशुधन बीमा और किसानों को राहत योजना

उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने पशुओं के लिए व्यापक बीमा योजना लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत सीएम जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना के जरिए पशुओं का बीमा कराया जाएगा. इस योजना में दैवीय आपदा, बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. बीमा में केंद्र का हिस्सा 51 प्रतिशत, राज्य का 34 प्रतिशत और किसान का 15 प्रतिशत रहेगा. प्रत्येक पशु की कीमत तय कर दी गई है, जिससे बीमा प्रक्रिया आसान होगी. मुर्रा भैंस की कीमत 75,000 रुपये, गाय (विदेशी, हरियाणवी, साहिवाल) 50,000 से 65,000 रुपये, बैल 40,000 रुपये, घोड़ा 60,000 रुपये, जबकि भेड़-बकरी 6,500 रुपये तय की गई है. खच्चर और गधे की कीमत 20,000 रुपये निर्धारित की गई है. सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना है.

गौशालाओं और पशुधन संरक्षण पर बड़ा खर्च

राज्य में इस समय गौशालाओं में करीब 1.35 लाख गायों का संरक्षण किया जा रहा है. इनके रखरखाव पर प्रतिदिन लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च हो रहा है. सरकार का कहना है कि पशुधन संरक्षण  और गौशालाओं के सुधार के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं. नस्ल सुधार और पशुधन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा मिल सके.

ESIC मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को जमीन आवंटन

श्रम विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में सरकार ने बनारस में ESIC के मेडिकल कॉलेज के लिए फ्री जमीन आवंटन को मंजूरी दे दी है. यह मेडिकल कॉलेज विशेष रूप से श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा. इसके साथ ही कैबिनेट ने मुरादाबाद और गोरखपुर में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया है. दोनों जिलों में पांच-पांच एकड़ जमीन पर 100-100 बेड के अस्पताल स्थापित किए जाएंगे. इन परियोजनाओं से प्रदेश में श्रमिक वर्ग  को बेहतर इलाज और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.

श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा में आरक्षण

कैबिनेट में यह भी निर्णय लिया गया कि बनारस में बनने वाले मेडिकल कॉलेज  के लिए 13 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. इस संस्थान में श्रमिकों के बच्चों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी. कुल 50 सीटों में से 25 सीटें श्रमिक परिवारों के बच्चों को दी जाएंगी. सरकार का कहना है कि इससे श्रमिक वर्ग के बच्चों को चिकित्सा शिक्षा में बड़ा अवसर मिलेगा और उनका सामाजिक व आर्थिक विकास होगा.

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