बिहार में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. राज्य से होकर बहने वाली 9 प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है. इससे 14 जिलों में 40 लाख लोग प्रभावित हैं. मौसम विभाग ने अगले दो दिन और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) के एक बयान के अनुसार 14 जिलों के 84 ब्लॉक में 514 ग्राम पंचायतों में लगभग 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. एक अधिकारी ने बयान में कहा कि कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बिहार में नदियां और नाले उफान पर हैं. इसके अलावा नेपाल के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में भारी बारिश के कारण भी कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
बाढ़ से ये जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सितंबर में अब तक 79.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो जगहों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है.
गंगा-गंडक समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं
अधिकारियों ने बताया कि गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. डुमरिया घाट पर गंडक; बलतारा और कुरसेला में कोसी. खगड़िया में बूढ़ी गंडक और दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर और कहलगांव के साथ-साथ मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है.
पशुओं के लिए 5178 क्विंटल चारा बांटा गया
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी अलग-अलग जिलों में कुल 723 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं. इसके अलावा, 15 राहत कैंप भी चलाए जा रहे हैं, जहां बाढ़ से निकाले गए 13,446 लोगों के रहने, खाने, मेडिकल सुविधा और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम किया गया है. बुलेटिन में कहा गया कि अब तक बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच लगभग 1.94 लाख पॉलीथीन शीट और करीब 29,400 सूखे राशन के पैकेट बांटे गए हैं. लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने और ट्रांसपोर्टेशन के लिए अभी कुल 1,979 नावें चलाई जा रही हैं. वहीं, पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था की जा रही है. अब तक 5,178 क्विंटल चारा भी पशुपालकों को बांटा गया है.
बाढ़ की संभावना को देखते हुए और तुरंत राहत और बचाव कार्य करने के लिए अलग-अलग जिलों में SDRF की 27 टीमें और NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं.