राशन में कटौती का खतरा, 58 लाख लोगों पर असर.. CM विजय ने केंद्र को लिखा पत्र

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन आवंटन में प्रस्तावित बदलाव वापस लेने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे राज्य के 58.51 लाख लोगों पर असर पड़ सकता है. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि खाद्यान्न आवंटन घटने से गरीब परिवारों में भूख और कुपोषण की समस्या बढ़ सकती है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 7 Jul, 2026 | 03:01 PM

Antyodaya Anna Yojana: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) में प्रस्तावित बदलाव पर पुनर्विचार करने की मांग की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन की मात्रा को 7 किलो प्रति व्यक्ति तक सीमित करने का प्रस्ताव राज्य के करीब 58.51 लाख लोगों को प्रभावित कर सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय खाद्य विभाग द्वारा 24 जून को जारी मसौदा संशोधन विधेयक में प्रति व्यक्ति प्रति माह 7 किलो खाद्यान्न देने का प्रस्ताव है, लेकिन एक परिवार को अधिकतम 35 किलो ही राशन मिलेगा. उन्होंने आशंका जताई कि पांच से कम सदस्यों वाले परिवारों को मौजूदा 35 किलो से कम राशन मिल सकता है.

सीएम ने केंद्र से मांग की कि परिवार में सदस्यों की संख्या चाहे जितनी भी हो, अंत्योदय परिवारों को पहले की तरह हर महीने 35 किलो खाद्यान्न देने की व्यवस्था  जारी रखी जाए. उन्होंने कहा कि इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि राज्य में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत 18.64 लाख राशन कार्डधारक परिवार हैं, जिनसे 69.27 लाख लोग जुड़े हुए हैं. इनमें से 15.75 लाख परिवार ऐसे हैं जिनमें पांच से कम सदस्य हैं और इन परिवारों के तहत 58.51 लाख लोग आते हैं.

चावल घटकर 42,040 मीट्रिक टन रह जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार का प्रस्तावित संशोधन लागू होता है, तो तमिलनाडु को मिलने वाले खाद्यान्न का मासिक आवंटन 65,261 मीट्रिक टन से घटकर 42,040 मीट्रिक टन रह जाएगा. इससे लाखों गरीब लोगों के सामने भोजन, कुपोषण और भूख की समस्या  खड़ी हो सकती है. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि तमिलनाडु मुख्य रूप से चावल खाने वाला राज्य है. यहां इडली, डोसा और पोंगल जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ चावल से बनाए जाते हैं और दोपहर के भोजन में भी अधिकांश लोग चावल का ही सेवन करते हैं.

तमिलनाडु का मुख्य आहार चावल है

सीएम ने कहा कि अंत्योदय योजना के लाभार्थियों को मिलने वाला चावल उनके दिन के तीनों समय के भोजन का मुख्य आधार है. इसे खुले बाजार से खरीदी जाने वाली किसी अन्य वस्तु से आसानी से नहीं बदला जा सकता. इसलिए गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था जारी रखी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि अंत्योदय अन्न योजना के तहत खाद्यान्न आवंटन में किसी भी तरह की कटौती का सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यदि राशन कम हुआ तो लोगों को बाजार से अनाज खरीदना पड़ेगा, जिससे उनका खर्च बढ़ेगा और कई परिवार गरीबी, कुपोषण तथा भूख की समस्या का सामना कर सकते हैं.

प्रति व्यक्ति राशन देने की व्यवस्था लागू हो

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत खाद्यान्न का अधिकार इस तरह तय किया गया था कि परिवार के आकार की परवाह किए बिना कोई भी परिवार भूख और कुपोषण का शिकार न हो. मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति राशन देने की व्यवस्था लागू करने और परिवार के लिए अधिकतम सीमा तय करने से छोटे परिवारों वाले राज्यों को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि खासतौर पर दक्षिणी राज्यों पर इसका अधिक असर पड़ेगा, क्योंकि इन राज्यों ने परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू किया है और यहां परिवारों का आकार अपेक्षाकृत छोटा है.

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Published: 7 Jul, 2026 | 02:59 PM

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