E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का बड़ा दावा.. 30 करोड़ गाड़ियां हो सकती हैं बेकार, सरकार से मांगा जवाब

E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि करोड़ों मौजूदा वाहन इससे प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने वाहन कंपनियों से लिखित गारंटी और केंद्र सरकार से लोगों को ईंधन चुनने का विकल्प देने की मांग की है. इस मुद्दे पर चर्चा लगातार बढ़ रही है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 7 Jul, 2026 | 05:14 PM

E20 Petrol: देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) को लेकर बहस तेज होती जा रही है. आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और वाहन कंपनियों पर कई सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि देश की करीब 22 करोड़ मोटरसाइकिलें और 8 करोड़ कारें, यानी लगभग 30 करोड़ वाहन, E20 के लिए तैयार नहीं हैं. ऐसे में अगर लोगों को केवल यही ईंधन इस्तेमाल करना पड़ा तो बड़ी संख्या में वाहन प्रभावित हो सकते हैं. केजरीवाल ने कहा कि सरकार को लोगों के पास विकल्प छोड़ना चाहिए और सभी पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 तीनों तरह का पेट्रोल उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें.

वाहन कंपनियों से लिखित गारंटी मांगेंगे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह देश की तीन प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखेंगे. उन्होंने कहा कि कंपनियां सार्वजनिक रूप से दावा करती हैं कि E20 पेट्रोल  सुरक्षित है, लेकिन कई वाहनों की ओनर मैनुअल में अलग जानकारी दी गई है. उन्होंने मांग की कि कंपनियां लिखित रूप में यह भरोसा दें कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा और वाहन का माइलेज भी कम नहीं होगा. साथ ही अगर इंजन या अन्य पुर्जों में खराबी आती है या माइलेज 10 प्रतिशत से ज्यादा घटता है, तो उसकी भरपाई कौन करेगा, इसका भी जवाब कंपनियों को देना चाहिए.

प्रधानमंत्री को भी लिखेंगे पत्र

केजरीवाल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को भी पत्र लिखेंगे. उन्होंने कहा कि देश के कई लोग E20 ईंधन को लेकर चिंता जता रहे हैं और सरकार को इस पर लोगों की राय सुननी चाहिए. उन्होंने आग्रह किया कि E20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाने के बजाय वैकल्पिक रखा जाए. उनके अनुसार, लोगों को यह अधिकार होना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी के हिसाब से E0, E10 या E20 में से किसी भी ईंधन का चुनाव कर सकें.

सरकार पर लगाया लोगों को गुमराह करने का आरोप

आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि कई देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन  का इस्तेमाल पहले से हो रहा है. उन्होंने कहा कि जिन देशों का उदाहरण दिया जाता है, वहां अधिकतर जगह E10 या उससे कम एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग होता है. उनका दावा है कि सामान्य वाहन E10 तक के ईंधन के लिए उपयुक्त होते हैं, लेकिन E20 हर वाहन के लिए उपयुक्त नहीं है.

E20 पर बढ़ सकती है बहस

केजरीवाल ने कहा कि देश में करोड़ों पुराने वाहन  अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं और यदि उन्हें केवल E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा तो वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे पर सभी पक्षों की राय लेकर फैसला किया जाए. हालांकि, E20 ईंधन को लेकर केंद्र सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां पहले भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने और नए मानकों के अनुरूप वाहनों को तैयार करने की बात कह चुकी हैं. ऐसे में E20 पेट्रोल को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और तकनीकी बहस और तेज होने की संभावना है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 7 Jul, 2026 | 05:14 PM

लेटेस्ट न्यूज़