डेयरी किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! OMFED ने कमाए 10.23 करोड़, कारोबार पहुंचा 1,036 करोड़

ओडिशा का डेयरी सहकारी क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. बेहतर प्रबंधन, नई सुविधाओं और किसान-केंद्रित योजनाओं के दम पर OMFED ने रिकॉर्ड कारोबार और मुनाफा हासिल किया है. डेयरी नेटवर्क के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने, दूध उत्पादन मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 01:28 PM

Dairy Cooperative: ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (OMFED) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10.23 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया है. इसके साथ ही संघ का कारोबार बढ़कर 1,036.82 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक कारोबार माना जा रहा है. सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, परिचालन सुधारों, आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास और किसान-केंद्रित योजनाओं ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. डेयरी क्षेत्र में यह सफलता राज्य के लाखों किसानों के लिए उत्साहजनक मानी जा रही है.

दूध उत्पादन और खरीद में लगातार बढ़ोतरी

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, OMFED ने दूध संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन  के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. वर्तमान में संघ राज्यभर के लगभग 3.24 लाख दुग्ध उत्पादक किसानों से प्रतिदिन करीब 6.70 लाख लीटर दूध खरीद रहा है. यह कार्य 4,455 दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है. किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने पर काम कर रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर भी बढ़े हैं.

डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती

दूध प्रसंस्करण क्षमता  बढ़ाने के लिए राज्य में कई नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं. हाल ही में 50,000 लीटर क्षमता का एक नया डेयरी प्लांट और 30,000 लीटर क्षमता का एक अन्य डेयरी प्लांट स्थापित किया गया है. इसके अलावा पिछले दो वर्षों में 1,061 नई दुग्ध सहकारी समितियों का पंजीकरण किया गया है. मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के तहत 21 नए मिल्क चिलिंग सेंटर भी स्थापित किए गए हैं. ग्रामीण स्तर पर दूध संग्रह व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 160 नए मिल्क कलेक्शन सेंटर खोले जा रहे हैं.

किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा लाभ

OMFED ने अपने उत्पादों की श्रृंखला का भी विस्तार किया है. अब उपभोक्ताओं को लस्सी, UHT चॉकलेट शेक, A2 दूध, A2 घी, बाल्टी दही और गुलाब  जामुन जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इन उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. सहकारिता मंत्रालय का मानना है कि डेयरी सहकारी मॉडल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राज्य को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. आने वाले वर्षों में डेयरी क्षेत्र के विस्तार से लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

OMFED की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सहकारिता आधारित डेयरी मॉडल किसानों  की आर्थिक स्थिति सुधारने और ग्रामीण विकास को गति देने का प्रभावी माध्यम बन सकता है. राज्य सरकार और सहकारी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से डेयरी क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं.

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Published: 31 May, 2026 | 01:28 PM

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