पंजाब में मक्के की बुवाई शुरू, PAU ने बीज विक्रेताओं के लिए जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश

लुधियाना में वसंत के साथ मक्का की बुआई शुरू हो गई है. कृषि विभाग और PAU ने बीज विक्रेताओं को समय पर बीज उपलब्ध कराने और सही रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं. विशेषज्ञों ने जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी और उन्नत हाइब्रिड किस्मों की सिफारिश की है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 1 Feb, 2026 | 09:20 AM

Sowing Maize: पंजाब के लुधियाना जिले में वसंत मौसम की शुरुआत के साथ मक्का की बुआई शुरू हो गई है. इसे देखते हुए कृषि विभाग और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) ने सभी बीज विक्रेताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. एक बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह ने बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर और तय कीमत पर मक्का के बीज उपलब्ध कराए जाएं और हर खरीदार को सही बिल दिया जाए. उन्होंने कहा कि बीज अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत पूरे रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने यह भी कहा कि पिछले साल किसानों को बीज मिलने में परेशानी हुई थी, जिसे इस बार दोहराने से बचना होगा. वहीं, कृषि विकास अधिकारी (बीज) मनजीत सिंह ने PAU द्वारा विकसित स्वीकृत मक्का किस्मों की जानकारी दी. कृषि विकास अधिकारी (सूचना) सुखविंदर सिंह ने जिले में यूरिया के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई. उन्होंने बीज और खाद विक्रेताओं से यूरिया वितरण  का सही रिकॉर्ड रखने को कहा और बताया कि विभाग किसानों को जरूरत से ज्यादा यूरिया इस्तेमाल न करने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है.

जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त है

PAU के विशेषज्ञों के अनुसार मक्का की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त है, जबकि भारी चिकनी मिट्टी से बचना चाहिए. विश्वविद्यालय ने वसंत बुआई के लिए उन्नत, अधिक उत्पादन देने वाली और नमी व तनाव सहन करने वाली हाइब्रिड किस्मों  की सिफारिश की है. वहीं, कूम कलां के किसान मलकीत सिंह ने कहा कि पिछले साल बीज समय पर और सही दाम पर नहीं मिले थे, इसलिए इस बार विक्रेताओं को विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि बुआई आसानी से हो सके और अच्छी फसल की उम्मीद बने.

मक्के की खेती को दिया जा रहा बढ़ावा

हेडोन बेट गांव के एक किसान ने कहा कि वे उन्नत हाइब्रिड किस्मों को लेकर PAU की सलाह  का स्वागत करते हैं, लेकिन किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि बीज समय पर और उचित दाम पर मिलें. उन्होंने कहा कि अगर बीज विक्रेता सही बिल के साथ पारदर्शिता रखें, तो किसानों का भरोसा बढ़ेगा और वे बिना तनाव के बुआई की योजना बना सकेंगे. बता दें कि ऐसे भी पंजाब सरकार प्रदेश में मक्की की खेती को बढ़ावा दे रही है. इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. मक्की की खेती करने वाले किसानोंं को सब्सिडी दी जा रही है.

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Published: 1 Feb, 2026 | 09:14 AM

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