ओडिशा में धान खरीदी में देरी से किसान परेशान, समर्थन में उतरी कांग्रेस पार्टी

ओडिशा में धान खरीदी में देरी और टोकन समस्याओं के कारण किसान परेशान हैं. कांग्रेस ने बरगढ़ में रैली कर किसानों का समर्थन किया और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की. जिला कलेक्टर आदित्य गोयल ने आश्वासन दिया कि टोकन मिलने के बाद किसानों का धान खरीदा जाएगा और परिवहन लागत का भुगतान किया जाएगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 21 Jan, 2026 | 08:04 PM

Odisha News: ओडिशा में धान खरीदी में हो रही देरी से परेशान किसानों के समर्थन में अब कांग्रेस पार्टी भी उतर आई है. कांग्रेस पार्टी ने किसानों की  आवाज बुलंद करते हुए बुधवार को बरगढ़ में एक विशाल रैली निकाली. इस रैली में खरीफ धान बेचने में किसानों को हो रही लगातार परेशानियों को उजागर किया गया. किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन की सीमाएं, धान उठाने में देरी और मनमाने कटौती ने कई किसानों को अपनी फसल समय पर बेचने से रोक दिया है. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि रबी की बुवाई का मौसम पहले ही शुरू हो चुका है, लेकिन कई किसानों के लिए खरीफ धान बिक्री के टोकन की वैधता खत्म हो चुकी है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.

ओडिशा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मुद्दों के विरोध में ओडिशा कांग्रेस के नेता और किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं. PCC अध्यक्ष भक्त दास ने कहा कि बरगढ़ के किसानों की आवाज सरकार तक नहीं पहुंची. जब कोई मंत्री किसानों को डांटता है, यह अपमान सहन नहीं किया जा सकता. इसलिए मैं उनके साथ खड़ा हूं. सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों से धान की खरीद  सही तरीके से हो, और कलेक्टर ने इस संबंध में आश्वासन दिया है.

योग्य किसानों को टोकन जारी करने की मांग की गई

बरगढ़ जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें किसानों को परिवहन लागत का भुगतान करने और सभी योग्य किसानों को टोकन जारी करने की मांग की गई. जिला कलेक्टर आदित्य गोयल ने कहा कि ओडिशा कांग्रेस की ओर से वर्तमान खरीफ सीजन में धान खरीद प्रक्रिया और इसे तेज करने के लिए आवश्यक कदमों के बारे में एक पत्र सौंपा गया है. जिले के सभी मंडियों में धान उठाई जा रही है. हमने किसानों को आश्वासन दिया है कि उन्हें टोकन  मिलने के बाद उनका धान खरीदा जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कही थी ये बात

वहीं, बीते दिनों मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने कहा था कि 10 जनवरी तक सभी जिलों में मंडियां  खुल जाएंगी ताकि किसानों को अपने धान बेचने में परेशानी न हो. लेकिन वास्तविक स्थिति में कई जगह पर खरीद केंद्र पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे किसानों के कटे हुए धान खुले मैदान और आंगनों में पड़े हैं. किसानों का कहना है कि ऑनलाइन टोकन में देरी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है. छोटे और सीमांत किसानों ने बताया कि वे बार-बार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) और नागरिक आपूर्ति अधिकारियों के कार्यालय जाकर भी कोई समाधान नहीं पा रहे हैं. कटक जिले के नरसिंहपुर ब्लॉक के बसंतपुर ग्राम पंचायत के किसान कमल लोचन साहू ने कहा कि मुझे दिसंबर से टोकन मिल गया है, लेकिन मेरी पंचायत की मंडी अब तक चालू नहीं हुई.

 

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Published: 21 Jan, 2026 | 07:56 PM

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