इस बार दो हफ्ते पहले शुरू होगी धान की खरीद, 1872 मंडियों को खोलने की मिली अनुमति

पंजाब सरकार ने इस साल धान की खरीद 16 सितंबर से शुरू करने का फैसला किया, लेकिन बारिश और बाढ़ के चलते फसल की कटाई में देरी हो रही है. माझा और दोआबा जैसे बासमती उत्पादक क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 10 Sep, 2025 | 04:23 PM

Paddy Procurement: पंजाब सरकार ने इस साल धान की सरकारी खरीद दो हफ्ते पहले शुरू करने का फैसला किया था. पहले धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होती थी, लेकिन इस बार 16 सितंबर से शुरू करने का फैसला लिया गया है. हालांकि, बारिश और बाढ़ (Rain And Flood) के चलते यह योजना मुश्किल में पड़ गई है, क्योंकि कई इलाकों में फसल की कटाई में देरी हो रही है. खास बात यह है कि राज्य सरकार ने हाल ही में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और 1,872 मंडियों को खोलने की अनुमति दी गई थी, ताकि जल्दी खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा सके. लेकिन फूड और सिविल सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने चिंता जताई है कि जमीनी स्तर पर हालात अनुकूल नहीं हैं, जिससे समय पर खरीद शुरू करना कई जगहों पर संभव नहीं दिख रहा.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जून में यह घोषणा की थी कि इस बार अधिकतर किसानों ने कम अवधि वाली धान की किस्में लगाई हैं, इसलिए खरीद पहले शुरू की जाएगी. लेकिन अब हालात बदल गए हैं. लगातार बारिश ने जल्दी पकने वाली फसलें भी प्रभावित कर दी हैं. एक वरिष्ठ खाद्य विभाग अधिकारी ने कहा कि अब हमें ताजा धान मंडियों में आने की उम्मीद अक्टूबर के मध्य तक ही है. अधिकतर इलाकों में कटाई 2 से 3 हफ्ते पीछे खिसक गई है.

16 सितंबर से शुरू होगी धान की खरीद

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के बाढ़ प्रभावित जिले कपूरथला, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का से भारी कृषि नुकसान की खबरें सामने आई हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और फसल तैयार नहीं हुई है. इसलिए यहां 16 सितंबर तक मंडियां शुरू होना संभव नहीं लग रहा.

6.81 लाख हेक्टेयर में बासमती की खेती

ऐसे इस बार पंजाब में कुल 32.5 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है, जिसमें से 6.81 लाख हेक्टेयर में प्रीमियम बासमती चावल की खेती की गई है. बासमती की खेती मुख्य रूप से माझा और दोआबा क्षेत्रों में होती है और ये दोनों क्षेत्र बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि डूबे हुए खेतों में कितनी मात्रा में ऐसी धान की किस्में बोई गई थीं, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत खरीदी जा सकती हैं.

फसलों को पहुंचा नुकसान

बता दें कि पंजाब धान का बहुत बड़ा उत्पादक राज्य है. इसका देश के खाद्यान में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है. अगर बारिश से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो खाद्यान पर भी असर पड़ सकता है. क्योंकि इस बार बाढ़ की वजह से कई जिलों में धान सहित कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 10 Sep, 2025 | 04:18 PM

लेटेस्ट न्यूज़

Monsoon Animal Care Tips Benefits Of Deworming In Dairy Animals To Boost Milk Production

मॉनसून से पहले पशुपालकों के लिए अलर्ट, पेट के कीड़े घटा सकते हैं दूध उत्पादन, तुरंत कर लें ये 1 काम

Cm Hemant Soren Major Decision 23 Proposals Approved Cabinet Farmers And Youth Likely Get Relief

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला..कैबिनेट में 23 प्रस्ताव मंजूर, किसानों और युवाओं को मिल सकती राहत

Grand Inauguration Agricultural Trade Fair Ranchi Government Responds Regarding Loan Waiver For 4 5 Lakh Farmers

रांची में कृषि व्यापार मेले का भव्य शुभारंभ, 4.5 लाख किसानों की कर्जमाफी पर सरकार ने दिया जवाब

Madhya Pradesh Farmers Yogendra Pal Singh Solanki Farmer From Narmadapuram Creating Portraits Of Agriculture Ministers From 11 Countries Using Grains During Indore Brics Summit

किसान ने अनाज के दानों से बनाई ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की तस्वीर, गेहूं-धान, सरसों का इस्तेमाल

Pm Kisan Samman Nidhi Scheme Women Beneficiaries To Surpass 2 17 Crore For 23rd Installment Check Pm Kisan All Beneficiaries Increased

2.17 करोड़ महिला किसानों के खाते में आएंगे 2 हजार रुपये, पीएम किसान लाभार्थियों की संख्या बढ़ी

Bihar Storage Godown Threshing Floor Scheme Farmers Benefit Agriculture Minister Vijay Kumar Sinha

किसानों के लिए 24 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात, बिहार में बनेंगे 305 भंडारण गोदाम और 400 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर