शरद पवार ने अमेरिकी टैरिफ नीति और कृषि निर्यात पर दिया बड़ा बयान, जताई चिंता

शरद पवार ने कहा कि अमेरिका एक बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऐसे देश से बड़े पैमाने पर कृषि निर्यात स्थानीय उत्पादकों पर नकारात्मक असर डाल सकता है. मुझे उम्मीद है कि भारतीय कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाएगा और इसे ऐसे जोखिम में नहीं डाला जाएगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 4 Feb, 2026 | 08:08 PM

Agriculture News: राकांपा (एसपी) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने बुधवार को कहा कि नई अमेरिकी टैरिफ नीति में भारत के कृषि निर्यात को लेकर कुछ प्रावधान हैं, जो भारतीय किसानों के लिए चिंता का कारण हैं. पवार ने बारामती में पत्रकारों से कहा कि हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्पष्ट विवरण अगले दो दिनों में सामने आ जाएगा. अमेरिका ने पहले भारत पर 50 फीसदी टैक्स लगाया था, जिसमें रूस से तेल की खरीद पर 25 फीसदी शामिल था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका ने एक व्यापार समझौते  पर सहमति बनाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे खुश हैं कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर अब 18 फीसदी ही टैक्स लगेगा. वहीं, टैरिफ पर पवार ने कहा कि इसके बारे में पूरी स्पष्टता अगले दो दिनों में मिलेगी. शरद पवार ने कहा कि हम तभी टिप्पणी कर सकते हैं जब पूरी तस्वीर साफ हो. हालांकि, अमेरिका द्वारा घोषित भारत-अमेरिका टैरिफ डील में एक प्रावधान है, जो अमेरिका को भारत में कृषि उत्पाद निर्यात करने की अनुमति देता है और यह भारतीय किसानों और घरेलू कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है.

व्यवसाय और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी जीत है

उन्होंने कहा कि अमेरिका एक बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऐसे देश से बड़े पैमाने पर कृषि निर्यात स्थानीय उत्पादकों पर नकारात्मक असर डाल सकता है. मुझे उम्मीद है कि भारतीय कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाएगा और इसे ऐसे जोखिम में नहीं डाला जाएगा. व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी ऊर्जा, परिवहन और कृषि उत्पादों की 500 अरब डॉलर की खरीद का वचन दिया है. अमेरिका पर भारत के लिए टैक्स अब 18 फीसदी होगा, लेकिन अमेरिकी निर्यात पर भारत में 0 फीसदी टैक्स लगेगा. इससे अमेरिका को बड़ा फायदा होगा और यह अमेरिकी मजदूरों, व्यवसाय और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी जीत है.

ग्रामीण समुदायों के लिए बड़ी सफलता बताया

वहीं, अमेरिका का कहना है कि प्रस्तावित भारत-यूएस ट्रेड समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पादों  के लिए भारत के विशाल बाजार के दरवाजे खुल जाएंगे, जिससे नई दिल्ली में नए सवाल उठ गए हैं. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भारत ने कृषि आयात के संबंध में कोई प्रतिबद्धता की है या नहीं. यह एक संवेदनशील राजनीतिक और आर्थिक मुद्दा है. यूएस कृषि सचिव ब्रूक रोलिन्स ने कहा है कि नए यूएस-भारत समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पादों का भारत में निर्यात बढ़ सकेगा. उन्होंने इसे अमेरिकी किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए बड़ी सफलता बताया.

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Published: 4 Feb, 2026 | 07:59 PM

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