किसानों को सस्ती खाद का तोहफा, खरीफ सीजन 2026 के लिए 41 हजार करोड़ से ज्यादा सब्सिडी मंजूर

Kharif 2026: केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 के लिए खाद पर सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया है. इससे किसानों को सस्ती दरों पर जरूरी खाद मिल सकेगी और खेती की लागत कम होगी. सरकार का यह कदम उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे खेती और मजबूत होगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 20 Apr, 2026 | 09:22 PM

Fertilizer Subsidy: किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटाश खाद पर सब्सिडी तय कर दी है. इससे किसानों को सस्ती दरों पर खाद मिल सकेगी और खेती का खर्च कम होगा. इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई.

किसानों को सस्ती खाद मिलेगी

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा किसानों  को मिलेगा. DAP और NPKS खाद के साथ 28 प्रकार के उर्वरक अब सब्सिडी के कारण सस्ते दामों पर मिलेंगे. इससे किसानों को अपनी फसल के लिए जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल पाएंगे. खेती की लागत कम होगी और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी. सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी किसान खाद की कमी या महंगे दाम के कारण नुकसान न उठाए.

41 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट

खरीफ सीजन 2026 के लिए सरकार ने करीब 41,533.81 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 4,300 करोड़ रुपये ज्यादा है. 2025 में यह बजट 37,216 करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि सरकार ने इस बार किसानों की जरूरतों  को ध्यान में रखते हुए ज्यादा पैसा खर्च करने का फैसला किया है. इससे साफ है कि खेती और किसानों को मजबूत बनाने पर सरकार का खास ध्यान है.

कैसे मिलेगी सब्सिडी का फायदा

सरकार इस सब्सिडी को सीधे किसानों के खाते  में नहीं देगी, बल्कि खाद बनाने वाली कंपनियों को देगी. इसका फायदा यह होगा कि कंपनियां बाजार में खाद को कम कीमत पर बेच सकेंगी, जिससे किसानों को सस्ती दरों पर खाद आसानी से मिल जाएगी. यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इस दौरान खाद की सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. इससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होगी और उनकी खेती का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा, जिससे उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.

पहले से चल रही योजना को आगे बढ़ाया गया

DAP और NPKS खाद पर सब्सिडी देने की यह व्यवस्था नई नहीं है. ये योजना 2010 से लागू है, जिसे न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी  (NBS) स्कीम कहा जाता है. इसके तहत अलग-अलग पोषक तत्वों के हिसाब से सब्सिडी तय की जाती है. सरकार लगातार इस योजना को अपडेट करती रहती है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद के दाम बढ़ने का असर किसानों पर कम पड़े. ऐसे में सरकार का ये फैसला किसानों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है. इससे उन्हें सस्ती खाद मिलेगी, खेती का खर्च घटेगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. आने वाले खरीफ सीजन में यह कदम किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

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Published: 20 Apr, 2026 | 09:22 PM
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