Fake Groundnut Seeds: राजस्थान में किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली बड़ी खबर सामने आई है. जयपुर के चौमूं इलाके में नकली और घटिया क्वालिटी वाले मूंगफली बीजों का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है. राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना (Kirodi Lal Meena) ने खुद औचक निरीक्षण कर इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा किया. जांच में सामने आया कि फंगस लगी मूंगफली को पैक कर आरजी-510 जैसी किस्मों के नाम पर किसानों को बेचा जा रहा था. इस कार्रवाई के बाद पूरे कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है.
चौमूं में अवैध फैक्ट्रियों पर छापेमारी
कृषि मंत्री ने जयपुर के पास सिल्वर पार्क (रीको) क्षेत्र में अचानक निरीक्षण किया, जहां एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस और जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज नाम की अनधिकृत कंपनियां चल रही थीं. यहां श्री बालाजी एग्रो सीकर के नाम से नकली मूंगफली बीजों की अवैध पैकेजिंग की जा रही थी. जांच में पाया गया कि बाजार से खरीदी गई खराब और फंगस लगी मूंगफली को बीज के रूप में तैयार किया जा रहा था. रेड के दौरान कृषि विभाग की टीम ने मौके से कई संदिग्ध पैकेट, कच्चा माल और पैकिंग सामग्री जब्त की. अधिकारियों ने इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा बताया है.
बड़े पैमाने पर बरामद हुआ स्टॉक
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण किया गया था. मौके से लाखों खाली बैग, हजारों पैक किए हुए बीज और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया. इसके अलावा करीब 60 लाख खाली मूंगफली बोरियां और लगभग 2 लाख साबुत मूंगफली की बोरियां भी मिलीं, जिनसे दाना निकालकर अवैध रूप से बीज तैयार किए जा रहे थे. फैक्ट्रियों में हाईटेक मशीनें भी पाई गईं, जिनका उपयोग मूंगफली से दाना निकालने और पैकेजिंग करने के लिए किया जा रहा था.

कृषि मंत्री की रेड में नकली बीज फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ.
किसानों के लिए बड़ा खतरा और आर्थिक नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार नकली और फंगस संक्रमित बीजों के इस्तेमाल से फसलें खराब हो सकती हैं और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा रहता है. कृषि विभाग का कहना है कि ऐसे बीजों से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. कई जगहों पर शिकायतें भी मिल रही थीं कि घटिया बीजों की वजह से फसल उत्पादन प्रभावित हुआ है. मंत्री ने कहा कि यह किसानों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सख्त कार्रवाई और सरकारी प्रतिबद्धता
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कृषि विभाग को राज्यभर में बीजों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने और अवैध इकाइयों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं. सरकार का कहना है कि किसानों को आगामी बुवाई सीजन के लिए प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है. इस तरह की मिलावट और धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा.