किसान आंदोलन फिर तेज होने के संकेत..डल्लेवाल ने SKM से मांगा साथ, 14 जुलाई को होगा विरोध

किसान संगठनों के बीच एक बार फिर एकजुटता की कोशिश शुरू हो गई है. जगजीत सिंह डल्लेवाल ने SKM को पत्र लिखकर भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते और लैंड पूलिंग नीति के विरोध में साझा आंदोलन का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने सभी किसान संगठनों से न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाकर साथ आने की अपील की है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 11 Jul, 2026 | 03:05 PM

कृषि कानूनों के खिलाफ हुए बड़े किसान आंदोलन के बाद एक बार फिर किसान संगठनों के बीच एकजुटता की कोशिश तेज हो गई है. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल ने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) को पत्र लिखकर सभी किसान संगठनों से एक साझा मंच पर आने की अपील की है. उन्होंने भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते और पंजाब की लैंड पूलिंग नीति जैसे मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. डल्लेवाल का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी संगठनों का साथ आना बेहद जरूरी है.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जताई चिंता

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जगजीत सिंह डल्लेवाल  ने SKM को भेजे पत्र में भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने दावा किया कि अगर यह समझौता लागू होता है तो इसका असर किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ सकता है. डल्लेवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें विश्व व्यापार संगठन (WTO), विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और बड़े कॉर्पोरेट समूहों के प्रभाव में किसान हितों के खिलाफ फैसले ले रही हैं. उन्होंने इस समझौते को किसानों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे ‘डेथ वारंट’ तक कहा. इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार की प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति का भी विरोध किया और किसान संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की.

न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत आंदोलन का प्रस्ताव

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने कहा कि अलग-अलग किसान संगठनों  के बीच विचारों में अंतर हो सकता है, लेकिन किसानों से जुड़े बड़े मुद्दों पर सभी को एक साथ आने की जरूरत है. डल्लेवाल ने सुझाव दिया कि सभी संगठन एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करें और आपसी सहमति के आधार पर आंदोलन की रणनीति बनाएं. उन्होंने कहा कि मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली किसान एकता के लिए साझा नियम, सिद्धांत और कार्यप्रणाली तय करना जरूरी है.

चंडीगढ़ बैठकों से मिले सकारात्मक संकेत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डल्लेवाल ने पत्र में किसान संगठनों के बीच एकता बढ़ाने के लिए हुई बैठकों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 25 जून और 1 जुलाई को चंडीगढ़ में बैठकें आयोजित की गई थीं, जिनमें विभिन्न किसान संगठनों के बीच संवाद आगे बढ़ा और सकारात्मक संकेत मिले. उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी  और सभी संगठन किसानों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ेंगे.

14 जुलाई को पंजाब में विरोध प्रदर्शन का ऐलान

इससे पहले जगजीत सिंह डल्लेवाल ने घोषणा की थी कि 14 जुलाई को पंजाब के सभी टोल प्लाजा किसानों के लिए मुफ्त कर दिए जाएंगे. यह विरोध प्रदर्शन पंजाब सरकार  की प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति, लैंड मॉर्गेज बैंक में कथित अनियमितताओं और भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में किया जाएगा. डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि लैंड पूलिंग नीति के जरिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर उसे कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने सरकार से इस नीति को वापस लेने की मांग की और कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे.

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