देश में त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. बढ़ती कीमतों के बीच क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े रिटेल स्टोर्स ने एक ग्राहक के लिए चीनी खरीदने की मात्रा सीमित कर दी है. BigBasket, Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart के अलावा DMart और Reliance Retail जैसे बड़े स्टोर्स ने अलग-अलग जगहों पर प्रति ग्राहक 2 से 6 किलो तक चीनी खरीदने की सीमा तय की है. यह लिमिट प्लेटफॉर्म, ब्रांड और लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को चीनी का औसत खुदरा भाव बढ़कर 65.05 रुपये प्रति किलो हो गया, जो 26 जुलाई को करीब 48 रुपये प्रति किलो था. यानी सिर्फ एक महीने में चीनी की कीमत में करीब 35.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
अलग-अलग प्लेटफॉर्म और शहरों में खरीदारी की सीमा तय की गई
- Blinkit: दिल्ली-NCR में कुछ चुनिंदा ब्रांड पर एक बार में अधिकतम 5 किलो चीनी.
- Swiggy Instamart: 1 किलो के दो पैकेट या 5 किलो का एक पैकेट खरीदने की अनुमति.
- BigBasket: कुछ ब्रांड के लिए अधिकतम 6 किलो तक खरीदारी.
- Zepto: कई जगहों पर स्टॉक के हिसाब से चीनी की बिक्री सीमित की गई है.
- इन पाबंदियों का मकसद लोगों को बड़ी मात्रा में चीनी खरीदने से रोकना और सभी ग्राहकों के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखना है.
DMart और Reliance Retail ने भी चीनी की खरीद पर लगाई लिमिट
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच DMart और Reliance Retail जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स ने भी खरीदारी की सीमा तय कर दी है. इन स्टोर्स में एक ग्राहक को करीब 2 से 3 किलो तक चीनी खरीदने की अनुमति है. एक बड़ी चीनी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, रिटेलर्स ने यह कदम जमाखोरी और घबराकर ज्यादा खरीदारी करने से रोकने के लिए उठाया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को चीनी मिल सके. हालांकि, अधिकारी ने साफ किया कि देश में चीनी की पूरी तरह कमी या स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है.
थोक बाजार में भी बढ़े चीनी के दाम
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ खुदरा बाजार तक सीमित नहीं है. थोक बाजार में भी चीनी का भाव तेजी से बढ़ा है. कीमत करीब 45 रुपये से बढ़कर 60.36 रुपये प्रति किलो हो गई है. यानी इसमें करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. PIB के आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच थोक चीनी की कीमत में 16 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई थी. अगस्त के आखिरी दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिली.
चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे?
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे तीन बड़ी वजहें हैं. पहली वजह देश में चीनी का उत्पादन कम होने का अनुमान है. इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के मुताबिक, 2025-26 मार्केटिंग सीजन में इथेनॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी को घटाने के बाद शुद्ध उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है. दूसरी वजह चीनी की लगातार ऊंची मांग है. देश में हर साल करीब 280-285 लाख टन चीनी की खपत होती है. सीजन की शुरुआत करीब 50 लाख टन के शुरुआती स्टॉक के साथ हुई थी, लेकिन कम उत्पादन की आशंका से सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ गया है.