हरियाणा की कुल 10 सहकारी चीनी मिलों (Cooperative Sugar Mills) में शामिल असंध चीनी मिल के लिए सरकार ने बड़ी घोषणा की है. अक्तूबर से शुरू हो रहे गन्ना पेराई सीजन के लिए हरियाणा सरकार ने मिल संचालन के लिए 11.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है. यह फैसला इस मिल से जुड़े हजारों किसानों के लिए भी लाभकारी होगा, क्योंकि मिल समय से शुरू हो सकेगी और गन्ना किसानों से खरीद भी समय पर हो सकेगी.
असंध चीनी मिल चलाने के लिए 11.90 करोड़ मंजूर
हरियाणा सरकार की हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में करनाल जिले की फफराना तहसील की असंध सहकारी चीनी मिल को लेकर चर्चा हुई और उसके संचालन, रखरखाव आदि के लिए रकम को मंजूरी दे दी गई. मुख्यमंत्री ने मिल के लिए 11.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इस रकम के मिलने से मिल में 2026-27 पेराई सीजन के लिए उत्पादन समय पर शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है.
मिल से जुड़े किसानों से समय पर शुरू होगी गन्ना खरीद
हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी ने हैफेड की ओर से संचालित की जाने वाली असंध शुगर मिल के सालाना ओवरहालिंग, मरम्मत, रखरखाव और सामान सहित एक वर्ष तक संचालन के लिए 11.90 करोड़ रुपये पास किए गए. कमेटी ने कहा कि यह फैसला चीनी मिल से जुड़े हजारों किसानों के लिए भी लाभकारी होगा. इससे मिल समय पर शुरू हो सकेगी और किसानों से गन्ना खरीद भी समय पर की जा सकेगी.
1.74 लाख टन से ज्यादा चीनी उत्पादन की संभावना
असंध चीनी मिल की रोजाना गन्ना पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल है. वहीं, सालाना गन्ना पेराई 2025-26 के आंकड़े देखें तो लगभग 20.40 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई. इससे पहले 2024-25 में करीब 16.97 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी. वहीं, चीनी उत्पादन के मामले में 2025-26 में मिल ने करीब 1.74 लाख क्विंटल उत्पादन दर्ज किया था, इसमें चीनी रिकवरी करीब 8.68 फीसदी रही थी. इस सीजन में गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन आंकड़े बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है.
हरियाणा में गन्ना बुवाई का रकबा भी बढ़ा
हरियाणा में गन्ना पेराई सीजन अच्छा रहने वाला है, क्योंकि गन्ना बुवाई बढ़िया हुई है. वर्तमान में राज्य का गन्ना बुवाई रकबा 1,63,534 एकड़ के पार पहुंच गया है, जो बीते साल की तुलना में मामूली बढ़ोतरी है. बीते साल 1,63,287 एकड़ गन्ना रकबा था. उससे पहले 2024 में हरियाणा में 1,42,193 एकड़ में गन्ने की खेती हुई थी. इस बार अच्छे गन्ना उत्पादन की संभावना भी बेहतर है जो चीनी उत्पादन के लिए भी सकारात्मक संकेत है.