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लद्दाख से दुबई तक स्वाद का सफर! ‘रक्तसे’ खुबानी की पहली खेप UAE रवाना, बढ़ेगी किसानों की आय
Apricot Export: लद्दाख की मशहूर 'रक्तसे' खुबानी का निर्यात अब UAE शुरू हो गया है. पहली 5 मीट्रिक टन खेप रवाना की गई है और इस सीजन 1,000 मीट्रिक टन निर्यात का लक्ष्य रखा गया है. इस पहल से किसानों को बेहतर दाम मिलने, वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने और लद्दाख में जल्द आधुनिक खुबानी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने की उम्मीद है.
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फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, 1,395 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल कृषि बाजार, किसानों को मिलेगा ग्लोबल मार्केट
Maharashtra Cabinet: महाराष्ट्र सरकार ने पालघर जिले के दापचरी में दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार की स्थापना को मंजूरी दे दी है. करीब 1,395 एकड़ में बनने वाला यह मेगा प्रोजेक्ट किसानों को भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और सीधे निर्यात जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराएगा.
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खत्म होगी पुरानी मंडी व्यवस्था! नए कृषि विपणन कानून लाने के प्रस्ताव को मंजूरी.. किसानों को सीधा फायदा
ओडिशा सरकार ने OAPM Act, 1956 को खत्म कर नया कृषि विपणन कानून लाने का फैसला किया है. नए कानून के तहत किसान राज्य में कहीं भी फसल बेच सकेंगे, ई-ट्रेडिंग और ई-नीलामी की सुविधा मिलेगी. सरकार का दावा है कि इससे किसानों को बेहतर दाम, ज्यादा बाजार और निजी निवेश का लाभ मिलेगा.
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यूरिया को लेकर मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, नई निवेश नीति को मंजूरी से किसानों को राहत मिलेगी
Modi Cabinet Decision: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दे दी है. इस नीति का उद्देश्य देश में नए गैस आधारित यूरिया प्लांट लगाकर उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है. नई व्यवस्था से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, हर नए प्लांट पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का अनुमान है.
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हरियाणा में जल सुविधाओं की बड़ी सौगात! 712 परियोजनाओं को मंजूरी, शहरों और गांवों को मिलेगा बड़ा फायदा
हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 पेयजल, सीवरेज और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन योजनाओं से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज और बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था मजबूत होगी. सरकार ने मार्च 2027 तक शहरी जलापूर्ति कवरेज 93 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है.
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एग्री सेक्टर में ट्रेंड युवाओं की भारी कमी बनी मुसीबत, मॉडर्न खेती में शिफ्टिंग टाइम ज्यादा लग रहा
केंद्रीय कृषि आयुक्त पीके सिंह ने बुधवार को इंडस्ट्री बॉडी BASAI के कार्यक्रम में कहा कि जैविक खेती के इनपुट को बड़े पैमाने पर लाने की योजना को ट्रेंड कर्मचारियों की कमी के कारण झटका लग सकता है. उन्होंने बढ़ते बायो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सहारा देने के लिए तुरंत स्किल डेवलपमेंट के उपाय करने की बात कही है.








