Fuel tank cleaning tips: खेती में ट्रैक्टर किसान का सबसे बड़ा सहारा होता है. जुताई से लेकर ढुलाई तक, हर काम में ट्रैक्टर की भूमिका अहम होती है. ऐसे में अगर ट्रैक्टर की परफॉर्मेंस कमजोर पड़ जाए तो काम रुक जाता है और खर्च बढ़ जाता है. ज्यादातर किसान इंजन ऑयल, ग्रीसिंग और सर्विस पर ध्यान देते हैं, लेकिन फ्यूल टैंक की सफाई को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि सच्चाई यह है कि गंदा फ्यूल टैंक इंजन की सेहत पर सीधा असर डालता है.
अगर फ्यूल टैंक में गंदगी, पानी या जंग जमा हो जाए तो फ्यूल फिल्टर जाम हो सकता है और इंजन तक सही मात्रा में डीजल नहीं पहुंच पाता. इससे ट्रैक्टर की पावर कम होती है और बार-बार रिपेयरिंग की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए समय-समय पर फ्यूल टैंक की सफाई और जांच बेहद जरूरी है.
साफ और शुद्ध फ्यूल का इस्तेमाल जरूरी
ट्रैक्टर की अच्छी परफॉर्मेंस के लिए सबसे पहला कदम है साफ और अच्छी क्वालिटी का डीजल भरवाना. मिलावटी या गंदा फ्यूल सीधे टैंक में जाकर जमा हो जाता है और धीरे-धीरे फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है. हमेशा भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही फ्यूल भरवाएं. अगर डीजल में पानी या कचरा दिखाई दे तो उसे इस्तेमाल न करें. लंबे समय तक रखा हुआ पुराना फ्यूल भी नुकसानदायक हो सकता है.
फ्यूल फिल्टर और टैंक की नियमित जांच
फ्यूल फिल्टर का काम डीजल में मौजूद धूल, मिट्टी और पानी को रोकना है. अगर फिल्टर समय पर नहीं बदला गया तो वह जाम हो सकता है. कंपनी के निर्देश के अनुसार तय समय पर फिल्टर बदलवाना चाहिए. इसके साथ ही फ्यूल टैंक की अंदरूनी सफाई भी जरूरी है. समय के साथ टैंक में जंग और गंदगी जमा हो सकती है, जिसे प्रोफेशनल तरीके से साफ करवाना बेहतर होता है.
बरसात के मौसम में टैंक में पानी जमा होने की समस्या ज्यादा होती है. इसलिए समय-समय पर टैंक से पानी निकालना चाहिए. अगर ट्रैक्टर में ड्रेन वाल्व की सुविधा है तो उसके जरिए पानी आसानी से बाहर निकाला जा सकता है.
वेंट और ढक्कन की अनदेखी न करें
फ्यूल टैंक का वेंट सिस्टम फ्यूल के सही प्रवाह के लिए जरूरी होता है. अगर वेंट बंद हो जाए तो टैंक में प्रेशर बन सकता है और फ्यूल फ्लो रुक सकता है. इसलिए वेंट को साफ रखना जरूरी है. साथ ही टैंक का ढक्कन सही तरीके से बंद होना चाहिए. ढक्कन की सील खराब होने पर धूल और नमी अंदर जा सकती है, जिससे जंग लगने की संभावना बढ़ जाती है.
ओवरफिलिंग से बचें
कई किसान टैंक को पूरी तरह भर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. ओवरफिलिंग से फ्यूल बाहर गिर सकता है और वेंट सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है. हमेशा टैंक में थोड़ी खाली जगह छोड़ें ताकि फ्यूल के फैलने और हवा के आने-जाने की जगह बनी रहे.
एडिटिव्स और फ्यूल क्वालिटी पर ध्यान
आजकल बाजार में फ्यूल एडिटिव्स उपलब्ध हैं जो कार्बन जमा होने से रोकते हैं और इंजन की परफॉर्मेंस सुधारते हैं. हालांकि, इनका इस्तेमाल कंपनी के निर्देश के अनुसार ही करना चाहिए. जरूरत से ज्यादा एडिटिव डालने से नुकसान भी हो सकता है.
फ्यूल की गुणवत्ता की जांच भी समय-समय पर जरूरी है. अगर ट्रैक्टर स्टार्ट होने में दिक्कत दे या ज्यादा धुआं निकाले तो फ्यूल चेक करना चाहिए.
फ्यूल लाइन और फिटिंग्स की जांच
फ्यूल पाइप और फिटिंग्स में दरार या लीकेज होने पर फ्यूल बर्बाद होता है और गंदगी अंदर जा सकती है. इसलिए पाइप्स और जोड़ मजबूत और सुरक्षित होने चाहिए. अगर कहीं से रिसाव दिखाई दे तो तुरंत ठीक करवाएं.
सही देखभाल से मिलेगा लंबा फायदा
फ्यूल टैंक की नियमित सफाई और देखभाल से न सिर्फ ट्रैक्टर की परफॉर्मेंस बेहतर होती है, बल्कि इंजन की उम्र भी बढ़ती है. इससे महंगी रिपेयरिंग से बचा जा सकता है और खेत का काम बिना रुकावट के चलता रहता है. थोड़ी सी सावधानी और समय पर रखरखाव आपके ट्रैक्टर को सालों तक ताकतवर बनाए रख सकता है.