Kerala News: केरल के पशुपालकों ने कमाल कर दिया है. प्रदेश में दूध का उत्पादन पिछले आंकड़ों की तुलना में 10 लाख लीटर बढ़ गया है. राज्य के पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री जे. चिनचुरानी ने कहा कि केरल का दूध उत्पादन पिछले आंकड़ों की तुलना में 10 लाख लीटर बढ़ गया है. यह जानकारी उन्होंने राज्य के क्षीर संगम- पड़ाव 2026 के हिस्से के रूप में आयोजित केरल डेयरी एक्सपो के उद्घाटन के दौरान दी. मंत्री ने कहा कि घरेलू दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. इससे किसानों और पशुपालकों को लाभ हो रहा है. उनकी कमाई में बढ़ोतरी हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने कहा कि कई किसान पहले स्थानीय स्तर पर दूध बेचते हैं और बचा हुआ दूध मिल्मा को सप्लाई करते हैं. उत्पादन के सही आंकड़े और वृद्धि का आकलन करने के लिए सरकार ने हर डेयरी किसान द्वारा उत्पादित दूध की मात्रा का सर्वे शुरू किया है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अस्थायी रोजगार संकट से निपटने के लिए प्लांटेशन और मछली पालन क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए विशेष डेयरी उत्पादन योजनाएं लागू की गई हैं. राज्य की अतिदरिद्रता उन्मूलन परियोजना के तहत हर डेयरी यूनिट के लिए 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी मंजूर की गई है.
150 से अधिक स्टाल लगे हैं
यह कार्यक्रम मिल्मा, केरल फीड्स, केरल पशुधन डेवलपमेंट बोर्ड, केरल वेटरिनरी और एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, पशुपालन विभाग, डेयरी सहकारी समितियों और केरल डेयरी फार्मर्स वेलफेयर फंड बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है. यह दक्षिण भारत का सबसे बड़ा डेयरी एक्सपो है, जिसमें 150 से अधिक स्टाल लगे हैं. एक्सपो में लगभग 100 स्टालों पर डेयरी क्षेत्र की नई तकनीक और उत्पाद दिखाए जा रहे हैं. इसमें सरकारी विभागों, पशु आहार और सप्लीमेंट निर्माताओं, पशु चिकित्सा दवाइयों के उत्पादकों और केरल पशुधनडेवलपमेंट बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हैं.
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बीमा प्रदाता भी इस एक्सपो में भाग ले रहे हैं
डेयरी मशीनरी और दूध प्रोसेसिंग उपकरण के विक्रेता, एसबीआई और केरल बैंक जैसे वित्तीय संस्थान और बीमा प्रदाता भी इस एक्सपो में भाग ले रहे हैं. साथ ही कचरा प्रबंधन समाधान देने वाली कंपनियां और डेयरी उद्योग पर केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी नितारा भी स्टाल में शामिल हैं. एक प्रमुख आकर्षण डेयरी विकास विभाग का ‘फार्म टू फोर्क’ स्टाल है, जहां दूध के संग्रह, गुणवत्ता परीक्षण, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वितरण के सभी चरणों को विजुअल डिस्प्ले और मॉडल के माध्यम से दिखाया गया है.