कम मेहनत, कम लागत और ज्यादा पैदावार! इन आधुनिक कृषि मशीनों पर बिहार सरकार दे रही 60 फीसदी सब्सिडी

खेती को आसान और सस्ता बनाने के लिए सरकार ने किसानों के लिए एक खास योजना शुरू की है. इसके तहत आधुनिक कृषि मशीनों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है. इस पहल से किसानों की मेहनत कम होगी, समय की बचत होगी और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 8 Jan, 2026 | 12:54 PM

Agriculture Subsidy : खेत में दिन-रात मेहनत करने वाले किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अब खेती सिर्फ हल-फावड़े तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक मशीनों के सहारे कम समय में ज्यादा काम हो सकेगा. बिहार सरकार की एक खास योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. इससे न केवल मेहनत घटेगी, बल्कि खेती की लागत कम होकर उत्पादन में भी तेजी आएगी. यही वजह है कि यह योजना किसानों के बीच तेजी से चर्चा में है.

क्या है गन्ना यंत्रीकरण योजना

यह योजना गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक  से जोड़ने के लिए शुरू की गई है. इसके तहत खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई तक इस्तेमाल होने वाली मशीनों पर सरकार अनुदान दे रही है. वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे चरण में 9 तरह के आधुनिक कृषि यंत्रों  पर 154 किसानों का चयन किया गया है. इन यंत्रों पर किसानों को 50 से 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी. योजना का मकसद साफ है-खेती को आसान बनाना, समय की बचत करना और किसानों की आमदनी बढ़ाना.

कौन-कौन से यंत्र मिलेंगे सब्सिडी पर

योजना में कई जरूरी और काम के यंत्र शामिल किए गए हैं. इनमें डिस्क हैरो, पावर वीडर, पावर टीलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, रोटावेटर, मिनी ट्रैक्टर 4WD और ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर जैसे उपकरण शामिल हैं. इन मशीनों की मदद से खेत की जुताई, समतलीकरण, खरपतवार नियंत्रण और फसल प्रबंधन का काम आसान हो जाएगा. इससे किसानों को मजदूरों पर निर्भरता भी कम करनी पड़ेगी. किसान SuMech पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत विक्रेताओं से कृषि यंत्र खरीद सकते हैं. पहले पूरी राशि का भुगतान करना होगा. यंत्र खरीद के बाद विभागीय सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन पूरा होते ही तय अनुदान राशि डीबीटी के जरिए सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी.

कैसे मिलेगा योजना का लाभ

चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र जारी किया जा चुका है. इसी पत्र के आधार पर किसान अधिकृत विक्रेताओं से मशीनें खरीद सकते हैं. प्रक्रिया थोड़ी सी समझदारी मांगती है. पहले किसान को मशीन की पूरी कीमत चुकानी होगी. इसके बाद मशीन की जांच और सत्यापन किया जाएगा. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तय की गई सब्सिडी की राशि  सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी. यह पैसा डीबीटी के जरिए ट्रांसफर होगा, जिससे किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

समय सीमा और जरूरी सलाह

किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि स्वीकृति पत्र की वैधता 18 जनवरी 2026 तक ही है. यानी इस तारीख से पहले मशीन की खरीद और जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. अगर किसी किसान को योजना  से जुड़ी जानकारी या तकनीकी मदद चाहिए, तो वह तय समय में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है. सरकार की अपील है कि चयनित किसान समय रहते कदम उठाएं और योजना का पूरा फायदा लें. माना जा रहा है कि इस योजना से गन्ना खेती ज्यादा व्यवस्थित होगी, लागत घटेगी और किसानों की कमाई में सीधा फायदा नजर आएगा.

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