Farming Tips: रात के समय खेत शांत दिखाई देता है, लेकिन मिट्टी के नीचे कई बार ऐसा दुश्मन छिपा होता है जो धीरे-धीरे पूरी मेहनत को नुकसान पहुंचा सकता है. गेहूं, चना और मटर जैसी फसलों में चूहों का हमला किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है. जब फसल में बालियां निकलने लगती हैं, तब चूहे ज्यादा सक्रिय होकर पौधों और दानों को नुकसान पहुंचाते हैं. अच्छी बात यह है कि थोड़ी सावधानी और सही उपाय अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.
खेत में चूहों की पहचान कैसे करें
खेत में चूहों की मौजूदगी पहचानना ज्यादा मुश्किल नहीं होता. अगर मेड़ों या फसल के बीच ताजी खुदी मिट्टी दिखाई दे, छोटे-छोटे बिल नजर आएं या पौधों की कटी पत्तियां और बीट दिखे, तो समझ लेना चाहिए कि चूहे सक्रिय हैं. ऐसे समय पर तुरंत कदम उठाना जरूरी होता है, क्योंकि देर होने पर चूहे तेजी से बढ़ते हैं और फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. फसल के बढ़ने के साथ-साथ उनकी गतिविधि भी बढ़ जाती है, इसलिए लगातार निगरानी करना जरूरी है.
घरेलू उपायों से चूहों को भगाएं
चूहों से बचाव के लिए किसान कई आसान घरेलू तरीके अपना सकते हैं. लाल मिर्च पाउडर, लहसुन का पेस्ट, नीम का तेल और पुदीना मिलाकर घोल तैयार किया जा सकता है. इस घोल को खेत की मेड़ों और बिलों के आसपास छिड़कने से तेज गंध के कारण चूहे खेत से दूर रहने लगते हैं. इसके अलावा जहां-जहां बिल दिखाई दें, वहां फिनायल की गोलियां रखने से भी चूहे भाग जाते हैं. ये उपाय कम खर्च में असरदार माने जाते हैं और फसल को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं.
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सिंचाई और निगरानी से कम होगा नुकसान
खेत में नियमित निगरानी रखना भी बहुत जरूरी है. सुबह और शाम खेत के चारों ओर चक्कर लगाने से चूहों को इंसानी गतिविधि का अहसास होता है और वे वहां कम टिकते हैं. समय पर सिंचाई करना भी एक अच्छा तरीका है. पानी भरने से चूहों के बिल नष्ट हो जाते हैं और उन्हें दूसरी जगह जाना पड़ता है. इससे फसल को होने वाला नुकसान कम हो सकता है. अगर खेत लंबे समय तक खाली या बिना निगरानी के रहते हैं, तो चूहे तेजी से बढ़ने लगते हैं. इसलिए फसल के महत्वपूर्ण समय में खेत पर ध्यान देना जरूरी होता है.
जरूरत पड़ने पर रासायनिक उपाय अपनाएं
जब चूहों की संख्या ज्यादा बढ़ जाए, तो रासायनिक उपाय भी अपनाए जा सकते हैं. इसके लिए बाजार में उपलब्ध दवाओं का उपयोग बिलों या मेड़ों के पास किया जाता है. इन दवाओं की गंध से चूहे दूर भागते हैं और उनकी संख्या नियंत्रित होती है. हालांकि इनका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, ताकि फसल और दूसरे जानवरों को नुकसान न हो. निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है. खेत की नियमित निगरानी, घरेलू उपाय और समय पर नियंत्रण अपनाकर किसान चूहों से अपनी फसल को बचा सकते हैं. छोटी-सी सतर्कता बड़े नुकसान से बचा सकती है और मेहनत से तैयार फसल सुरक्षित रह सकती है.