कम पूंजी में ज्यादा मुनाफा चाहते हैं किसान? पशुपालन के ये तीन व्यवसाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत

पशुपालन अब खेती के साथ अतिरिक्त आय का मजबूत जरिया बन चुका है. सही व्यवसाय का चुनाव किसानों और युवाओं के लिए मुनाफे की कुंजी है. डेयरी, बकरी और मुर्गी पालन में से कौन सा विकल्प आपके बजट, जगह और संसाधनों के अनुसार बेहतर रहेगा, यही तय करता है आपकी कमाई का रास्ता.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 25 Jan, 2026 | 10:32 PM

Animal Husbandry : खेती के साथ-साथ अब पशुपालन भी कमाई का मजबूत जरिया बनता जा रहा है. खासकर युवाओं में पशुपालन व्यवसाय अपनाने का रुझान तेजी से बढ़ा है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि पशुपालन में कौन-सा व्यवसाय करें, ताकि मेहनत का पूरा फल मिले और नुकसान का जोखिम कम रहे.  पशुपालन में मुनाफा आपके बजट, संसाधन, जगह, मौसम और बाजार की मांग पर निर्भर करता है. सही योजना और वैज्ञानिक तरीके से किया गया पशुपालन कम खर्च में अच्छी आमदनी दे सकता है.

सही चुनाव क्यों है जरूरी

पशुपालन में गलत व्यवसाय चुनना कई बार नुकसान का कारण बन जाता है. कई लोग बिना जानकारी या सिर्फ ट्रेंड देखकर डेयरी, मुर्गी या बकरी पालन  शुरू कर देते हैं, लेकिन बाद में लागत, बीमारी या बाजार भाव के कारण परेशान हो जाते हैं. इसलिए शुरुआत से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके पास कितनी जमीन है, कितना समय दे सकते हैं और कितनी पूंजी निवेश करना संभव है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर व्यवसाय का चुनाव करना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है.

डेयरी फार्मिंग- ज्यादा निवेश, स्थिर कमाई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डेयरी फार्मिंग  आज भी पशुपालन का सबसे लोकप्रिय विकल्प है. गाय या भैंस के दूध की मांग साल भर बनी रहती है. गायों से दूध उत्पादन ज्यादा हो सकता है, लेकिन उनकी देखभाल और बीमारी का जोखिम भी अधिक रहता है. वहीं भैंस का दूध कम मात्रा में मिलता है, लेकिन फैट ज्यादा होने के कारण बाजार में अच्छा दाम मिल जाता है. डेयरी फार्मिंग में चारा, दवा, देखभाल और मजदूरी पर हर महीने अच्छा-खासा खर्च आता है, लेकिन सही प्रबंधन से 20,000 से 50,000 तक की मासिक कमाई संभव मानी जाती है.

कम पूंजी में बकरी पालन बना पसंदीदा विकल्प

अगर आपके पास ज्यादा जमीन या बड़ी पूंजी नहीं है, तो बकरी पालन  एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है. बकरी पालन में लागत कम होती है और देखभाल भी अपेक्षाकृत आसान रहती है. बकरी का दूध, मांस और बच्चे-तीनों से कमाई होती है. बाजार में बकरी के मांस की मांग लगातार बनी रहती है. सही नस्ल और संतुलित आहार के साथ बकरी पालन करने पर कुछ ही महीनों में अच्छी आमदनी शुरू हो सकती है. यही वजह है कि छोटे और मध्यम किसान इस व्यवसाय की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.

मुर्गी पालन- तेजी से मुनाफा देने वाला व्यवसाय

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा समय में मुर्गी पालन  और ब्रॉयलर फार्मिंग युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इस व्यवसाय में कम समय में मुनाफा मिलने की संभावना रहती है. ब्रॉयलर मुर्गियां जल्दी वजन पकड़ लेती हैं, जिससे 35–40 दिनों में बिक्री संभव हो जाती है. हालांकि अंडा उत्पादन यानी लेयर फार्मिंग में बीमारी और बाजार भाव का जोखिम ज्यादा रहता है. इसलिए शुरुआत करने वालों के लिए ब्रॉयलर मुर्गी पालन को ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 25 Jan, 2026 | 10:32 PM

सर्दियों में गुड़ का सेवन क्यों अधिक किया जाता है?