कृत्रिम गर्भाधान करवाएं और पाएं 19,500 रुपये का फायदा.. बछिया से बढ़ेगा दूध और मुनाफा, जानें कैसे करें आवेदन

पशुपालन करने वाले किसानों के लिए गौ वत्स पालन योजना बड़ी राहत बनकर आई है. कृत्रिम गर्भाधान से जन्मी बछिया के पालन-पोषण के लिए 19,500 रुपये तक की सहायता दी जाती है. सही पोषण मिलने पर यही बछिया भविष्य में ज्यादा दूध देगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 23 Feb, 2026 | 02:20 PM

Artificial Insemination: अगर आप पशुपालन करते हैं और चाहते हैं कि आपकी आय बढ़े, तो यह योजना आपके लिए बड़ा मौका है. छत्तीसगढ़ पशुपालन विभाग की गौ वत्स पालन योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान से जन्मी बछिया के पालन-पोषण के लिए 19,500 रुपये तक की मदद दी जा रही है. सही पोषण मिलने पर यही बछिया आगे चलकर ज्यादा दूध देगी और किसानों की कमाई बढ़ाएगी.

योजना का मकसद क्या है?

छत्तीसगढ पशुपालन विभाग के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देना, देसी नस्ल के पशुओं को मजबूत बनाना और दूध उत्पादन बढ़ाना है. जब किसान अपनी गाय या भैंस में कृत्रिम गर्भाधान  करवाते हैं और बछिया का जन्म होता है, तो उस बछिया को बेहतर पोषण देने के लिए सरकार आर्थिक सहयोग करती है. चार माह से 24 माह तक की उम्र की बछिया को इस योजना में शामिल किया जाता है. अच्छी देखभाल से वही बछिया आगे चलकर 6 से 8 लीटर तक दूध देने में सक्षम बन सकती है.

कितनी मिलती है सहायता?

योजना की कुल इकाई लागत 19,500 रुपये तय की गई है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को लगभग 1,950 रुपये का अंशदान देना होता है, बाकी राशि सरकार देती है. सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 4,875 रुपये का अंशदान देना होता है, शेष रकम शासन द्वारा जमा की जाती है. यह राशि सीधे किसान और शासन के नाम से खुले संयुक्त खाते में जमा होती है. खाते में पूरी 19,500 रुपये की राशि आने के बाद उसी से बछिया के लिए पशु आहार खरीदा  जाता है, ताकि उसके पोषण में कोई कमी न रहे.

आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग कार्यालय में संपर्क करें. कृत्रिम गर्भाधान की रसीद या प्रमाण पत्र जरूरी होता है. बछिया के जन्म  का रिकॉर्ड भी होना चाहिए. इसके बाद आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करें. विभाग द्वारा जांच के बाद पात्र किसानों का चयन किया जाता है. संयुक्त बैंक खाता खुलवाया जाता है, जिसमें योजना की राशि जमा होती है. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पशु आहार उपलब्ध कराया जाता है.

किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है. आवेदक को अपना आधार कार्ड  और बैंक पासबुक की कॉपी देनी होगी, ताकि सहायता राशि सही खाते में जमा की जा सके. यदि किसान आरक्षित वर्ग से हैं तो जाति प्रमाण पत्र भी लगाना जरूरी है. इसके साथ कृत्रिम गर्भाधान का प्रमाण पत्र और जन्मी बछिया का विवरण व उसकी उम्र का रिकॉर्ड देना होगा. निवास प्रमाण पत्र भी आवश्यक है. सभी कागजात सही और पूरे होने पर आवेदन प्रक्रिया आसान और तेज हो जाती है, जिससे योजना का लाभ समय पर मिल सके.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

खीरे की फसल के लिए किस प्रकार की मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है?