गाय में ल्यूकोरिया बन रहा कमाई का दुश्मन, समय पर पहचान और देसी इलाज से बचाएं दूध

गाय पालन में दूध कम होना और गर्भधारण की समस्या अक्सर ल्यूकोरिया के कारण हो सकती है. समय पर पहचान न होने पर नुकसान बढ़ जाता है. लेकिन सही देखभाल और आसान देसी उपाय से इस परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और गाय की सेहत दोबारा सुधारी जा सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 1 Jan, 2026 | 03:22 PM

Cow Health : अगर आप गाय पालन करते हैं और अचानक दूध कम होने या गर्भधारण में परेशानी जैसी दिक्कत सामने आ रही है, तो इसे हल्के में लेना भारी नुकसान करा सकता है. कई बार इसकी वजह एक ऐसी बीमारी होती है, जिसके बारे में लोग कम जानते हैं-ल्यूकोरिया. यह समस्या गाय के स्वास्थ्य और कमाई दोनों पर सीधा असर डालती है. राहत की बात यह है कि सही समय पर पहचान और देसी इलाज से इस परेशानी से बचा जा सकता है.

गाय में ल्यूकोरिया क्यों बनता है खतरा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ल्यूकोरिया सिर्फ इंसानों की बीमारी  नहीं है, बल्कि गायों में भी यह समस्या देखने को मिलती है. इस बीमारी में गाय के प्रजनन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है. ऐसी गाय गर्भधारण नहीं कर पाती या बार-बार क्रॉस फेल हो जाता है. इसके साथ ही धीरे-धीरे दूध का उत्पादन  कम होने लगता है और गाय कमजोर दिखने लगती है. अगर समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है और गोपालन घाटे का सौदा बन सकता है.

पहचान में देरी पड़ सकती है भारी

अक्सर गोपालक शुरुआत में इस बीमारी के लक्षणों  को नजरअंदाज कर देते हैं. सफेद या हल्के पीले रंग का स्राव, बार-बार बेचैनी, कमजोरी और दूध में गिरावट इसके आम संकेत हैं. कई बार लोग सिर्फ दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन हर बार इससे पूरी राहत नहीं मिलती. ऐसे में जरूरी है कि बीमारी को समझकर सही और आसान उपाय अपनाया जाए.

7 दिनों में असर दिखाने वाला देसी इलाज

ल्यूकोरिया की समस्या में एक देसी और सस्ता उपाय  काफी कारगर माना जाता है. इसके लिए रोजाना 100 ग्राम तिल, सुता वाली मिश्री और 50 ग्राम घी को अच्छी तरह पीसकर गाय को खिलाया जाता है. यह मिश्रण लगातार 5 से 7 दिनों तक दिया जाए. अगर गाय इसे सीधे नहीं खा रही है, तो इसे चने के चोकर या दाल में मिलाकर भी दिया जा सकता है. यह देसी नुस्खा शरीर को ताकत देता है और प्रजनन से जुड़ी समस्या में सुधार लाने में मदद करता है.

सही देखभाल से ही बचेगा नुकसान

गोपालन में सबसे जरूरी है नियमित देखभाल  और समय देना. सिर्फ दूध पर ध्यान देने से काम नहीं चलता, बल्कि गाय के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है. साफ-सफाई, संतुलित आहार और समय पर इलाज से बड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है. अगर ल्यूकोरिया जैसी समस्या को शुरुआत में ही संभाल लिया जाए, तो दूध उत्पादन और प्रजनन क्षमता दोनों दोबारा बेहतर हो सकती हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 1 Jan, 2026 | 03:22 PM

कीवी उत्पादन के मामले में देश का सबसे प्रमुख राज्य कौन सा है