भारत के पोल्ट्री सेक्टर में एक नया बदलाव देखने को मिल सकता है. जब किसानों को बेहतर नस्ल के चूजे, सही तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई मिलती है, तो अंडा उत्पादन बढ़ना तय होता है. अब जर्मनी की मशहूर पोल्ट्री जेनेटिक्स कंपनी लोहमान लेयर्स (Lohmann Layers) ने भारत में सीधे एंट्री कर ली है. कंपनी का कहना है कि इस कदम से लेयर फार्मिंग करने वाले किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर चूजों का फायदा मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ सकती है.
भारत के पोल्ट्री सेक्टर में नई शुरुआत
भारत में अंडे की मांग लगातार बढ़ रही है. शहरों में बढ़ती आबादी और लोगों की प्रोटीन वाली डाइट के प्रति जागरूकता के कारण अंडा अब रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बनता जा रहा है. यही वजह है कि पोल्ट्री सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस बढ़ती मांग को देखते हुए जर्मनी की EW Group से जुड़ी कंपनी इंटरनेशनल लेयर डिस्ट्रीब्यूशन (ILD) ने भारत में लोहमैन लेयर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से नई कंपनी शुरू करने की घोषणा की है.
कंपनी का लक्ष्य भारतीय लेयर फार्मिंग को मजबूत बनाना और किसानों को बेहतर उत्पादन के अवसर देना है. कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का लेयर उद्योग तेजी से बढ़ेगा और किसानों को आधुनिक तकनीक की जरूरत होगी.
बेहतर नस्ल के चूजे सीधे किसानों तक पहुंचेंगे
नई रणनीति के तहत लोहमान लेयर्स इंडिया ने जेके ब्रीडर्स प्राइवेट लिमिटेड को खरीद लिया है. इससे अब कंपनी भारत में सीधे डे-ओल्ड चूजे (DOC) की सप्लाई संभालेगी. इस बदलाव से कई फायदे होने की उम्मीद है. किसानों को समय पर चूजे मिल सकेंगे, सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद होगी और वितरण व्यवस्था पहले से बेहतर बनेगी. इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि अब भारतीय किसानों को लोहमान की वैश्विक ब्रीडिंग तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा. इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
किसानों की कमाई बढ़ाने पर रहेगा फोकस
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते पोल्ट्री बाजारों में से एक है. ILD एशिया और ऑस्ट्रेलिया के मैनेजिंग डायरेक्टर एंटोनियो परागुआसू के अनुसार, इस नई कंपनी के जरिए भारतीय किसानों के साथ लंबे समय तक काम करने की योजना है. भारत में लोहमान लेयर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र के. जांगिड़ ने कहा कि कंपनी भारतीय मौसम और फार्मिंग परिस्थितियों के अनुसार नस्ल सुधार पर काम करेगी. कंपनी का दावा है कि बेहतर जेनेटिक्स, तकनीकी सहयोग और नियमित सप्लाई से किसानों का उत्पादन बढ़ेगा और लागत कम हो सकती है. इससे उनकी आय में सुधार संभव है.
लेयर फार्मिंग के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
भारत में लाखों किसान लेयर फार्मिंग से जुड़े हैं. अगर उन्हें बेहतर अंडा देने वाली नस्ल मिलती है, तो उत्पादन बढ़ सकता है और बाजार में स्थिरता आ सकती है. लोहमान लेयर्स का फोकस ऐसे चूजे उपलब्ध कराने पर है जो:-
- ज्यादा समय तक अंडा उत्पादन करें
- कम फीड में बेहतर परिणाम दें
- अंडों की गुणवत्ता अच्छी रखें
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तकनीक और सप्लाई सिस्टम मजबूत रहता है, तो भारतीय पोल्ट्री सेक्टर आने वाले समय में और तेजी से आगे बढ़ सकता है.