सफेद मूसली उगाकर बेटे को अमेरिका में पढ़ा रहे किसान अनिल, मशीनों ने आसान कर दी खेती

Safed Musli Farmer Anil verma: किसान अनिल वर्मा ने बताया कि वे सफेद मूसली के अलावा पपीता, प्याज और सोया की फसल भी लेते हैं. वे बताते हैं कि अच्छी क्वालिटी की सफेद मूसली की बाजार में बहुत डिमांड है. इसमें कई औषधीय और पौष्टिक गुणों के चलते बाजार में इसका अच्छा भाव मिलता है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 26 Jul, 2026 | 11:47 AM

जैविक खेती का तरीका अपनाकर मध्य प्रदेश के किसान अनिल वर्मा लंबे समय से सफेद मूसली उगा रहे हैं. इसके अलावा वह सोयाबीन समेत अन्य फसलों की भी खेती करते हैं. खेती की कमाई से वह अपने बेटे को अमेरिका की ओहियो यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं. वह सिर्फ मूसली की खेती से 8 लाख रुपये का मुनाफा हासिल करते हैं. बाजार में मूसली 1600 रुपये प्रति किलो तक के भाव में बिकती है. जबकि, अन्य फसलों से भी उनकी खूब कमाई होती है. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को अपनी खेती के तरीके और अपनी कहानी बताई.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगौन में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कई किसानों से चर्चा की. इस दौरान जिले के प्रगतिशील किसान अनिल वर्मा और अविनाश दांगी के खेती के तरीके से उससे होने वाली आय ने उनका ध्यान खींचा. किसानों ने अपनी खेती के दम पर मिली सफलता के बारे में मुख्यमंत्री को बताया. किसानों ने कहा कि राज्य सरकार के कृषि को आगे बढ़ाने की योजना से यह साबित हो गया है कि तकनीकी के साथ-साथ खेती का भी विकास होना जरूरी है.

मूसली की खेती से कमाकर बेटे को अमेरिका में बढ़ा रहे अनिल

खरगोन जिले के प्रगतिशील किसान अनिल वर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह सफेद मूसली की खेती कर रहे हैं. सरकार ने हमें भरपूर सहयोग दिया है. राज्य सरकार की खेती संबंधी नीतियों ने हमारा उत्साह बढ़ाया है. इस खेती के दम पर मैंने अपने बेटे प्रीतेश को अमेरिका पढ़ने भेजा. वह ओहियो विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस एआई मे मास्टर्स कर रहे हैं और यही कॉलेज में पढ़ाने भी लग गए. खेती किसानों के मुद्दे समझने में मदद भी करते हैं.

मशीन ने आसान कर दिया मूसली छिलाई का काम

अनिल ने बताया कि वे सफेद मूसली की खेती के अलावा पपीता, प्याज और सोया की फसल भी लेते हैं. उनके पास दो कुएं और ट्यूबवेल है. वे बताते हैं कि अच्छी क्वालिटी की सफेद मूसली की बाजार में बहुत डिमांड है. इसमें कई औषधीय और पौष्टिक गुणों के चलते बाजार में इसका अच्छा भाव मिलता है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में करीब 1500 एकड़ में सफेद मूसली की खेती हो रही है. इसमें एक हजार किसान जुटे हैं. एक साल में 5 से 7 लाख का मुनाफा हो जाता है. पहले मूसली के छिलकों को हाथ से निकलते थे. इसमें मजदूर ज्यादा लगाने पड़ते थे. छिलके निकालने की मशीन पर केंद्र से 35 फीसदी की सब्सिडी मिली. अब 50 से 60 किसानों ने मशीन ले ली.

CM Mohan Yadav Interact with farmers

सीएम मोहन यादव ने प्रगतिशील किसानों से वर्चुअली बात की.

13 राज्यों में जैविक उत्पाद सप्लाई कर रहे अविनाश

प्रगतिशील किसान अविनाश दांगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह कई वर्षों से जैविक खेती करते हुए विशेषज्ञता हासिल की है. अविनाश दांगी ने बताया कि उनके जैविक उत्पाद 13 राज्यों में सप्लाई हो रहे हैं. मसाला फसलों में हल्दी धनिया और मिर्च उगा रहे हैं. अविनाश दांगी के पास 54 एकड़ खेत है. वे पूरे खेत मे जैविक खेती करते हैं. खेत पर करीब 40 गौवंश है. आठ सदस्यों का पूरा परिवार खेती में लगा है.

सरकारी योजना का लाभ लेकर खेती में पाई सफलता

किसान अविनाश दांगी ने बताया कि सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले छोटे किसानों को भरपूर मदद की है. सरकार फर्टिलाइजर पर सब्सिडी देती है. जैविक खेती करने वाले किसान इनका उपयोग नहीं करते इसलिए उन्हें यह सब्सिडी का पैसा स्वाभाविक रूप से मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर सफल तरीके से जैविक खेती कर पा रहे हैं. उन्होंने अन्य किसानों को भी जैविक खेती करने की सलाह दी है.

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Published: 26 Jul, 2026 | 11:41 AM

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