MSP Procurement: ओडिशा के किसानों के लिए इस बार राहत की बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए राज्य की पांच प्रमुख फसलों, ‘मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और सरसों’ की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को मंजूरी दे दी है. इस कदम से हजारों किसानों को अपनी उपज का सही और तय दाम मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है, जिससे उनकी आमदनी में सीधा फायदा होगा.
उच्च स्तरीय बैठक में हुआ फैसला
नई दिल्ली में कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह के बीच वर्चुअल बैठक हुई. इस बैठक में राज्य के प्रस्ताव, फसल उत्पादन का आकलन और खरीद की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई. समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने MSP खरीद को हरी झंडी दे दी.
1,428 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद मंजूर
केंद्र सरकार ने कुल मिलाकर पांच फसलों की खरीद के लिए 1,428 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है. इसमें शामिल हैं-
- मूंग: 34,492 मीट्रिक टन (302.42 करोड़ रुपये)
- उड़द: 1,19,387 मीट्रिक टन (931.21 करोड़ रुपये)
- मूंगफली: 20,219 मीट्रिक टन (146.85 करोड़ रुपये)
- सूरजमुखी: 2,210 मीट्रिक टन (17.06 करोड़ रुपये)
- सरसों: 4,964 मीट्रिक टन (30.77 करोड़ रुपये)
यह फैसला सीधे किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा.
पीएम-आशा योजना के तहत होगी खरीद
इन फसलों की खरीद पीएम-आशा योजना के तहत 90 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी. ओडिशा सरकार पहले से ही PoS आधारित डिजिटल प्रणाली का उपयोग कर रही है, जिससे खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनाई जा सके. सरकार का फोकस है कि केवल वास्तविक किसानों से ही फसल खरीदी जाए.
पारदर्शिता और बिचौलियों पर सख्ती
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि MSP का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने बिचौलियों की भूमिका खत्म करने पर जोर दिया और कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. खरीद प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जाएगी.
सूरजमुखी की खेती को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में सूरजमुखी की खेती को लेकर विशेष चर्चा हुई. मंत्री ने कहा कि देश में जहां यह फसल कम हो रही है, वहीं ओडिशा में इसका बने रहना सकारात्मक संकेत है. केंद्र सरकार ने इसके उत्पादन और रकबे को बढ़ाने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक सहायता देने का भरोसा दिया. इस फैसले से ओडिशा के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. MSP पर खरीद से उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उनकी आय में स्थिरता आएगी. यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा.