खाद सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला, केंद्र सरकार ने खाद के कच्चे माल पर आयात शुल्क हटाया

Fertilizer subsidy: केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत दी है. खाद के कच्चे माल और मुख्य रसायनों पर आयात शुल्क हटाने से उर्वरक कंपनियों की लागत कम होगी. इससे सप्लाई मजबूत रहेगी और पश्चिम एशिया संकट के बीच भी किसानों को सस्ती, पर्याप्त और समय पर खाद आसानी से मिल सकेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 2 Apr, 2026 | 01:37 PM

India Fertilizer Duty Relief 2026: केंद्र सरकार ने लगभग 40 मुख्य रसायनों के आयात पर शुल्क माफ (मूल सीमा शुल्क) कर दिया है. उर्वरक क्षेत्र को राहत देने के लिए अमोनियम नाइट्रेट पर कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) को पूरी तरह से हटा दिया गया है. वैश्विक लागतों में वृद्धि के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर करने और इनपुट लागतों को कम करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं. केंद्र सरकार ने यह छूट 2 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक मान्य रहेगी.  खरीफ सीजन से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. पश्चिम एशिया के संकट और समुद्री सप्लाई की चिंता के बीच भी किसानों को खाद की कमी नहीं होगी.

खाद के कच्चे माल पर आयात शुल्क हटाया

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की ओर से जारी नोटिफिकेशन मे कहा गया है कि लगभग 40 मुख्य रसायनों के आयात पर शुल्क माफ  (मूल सीमा शुल्क) कर दिया है.  उर्वरक क्षेत्र को राहत देने के लिए अमोनियम नाइट्रेट पर कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) को पूरी तरह से हटा दिया गया है. बता दें कि पहले उर्वरकों के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे फॉस्फोरिक एसिड और अमोनिया पर आयात शुल्क लगभग 5 फीसदी के आसपास था. जबकि, रॉक फॉस्फेट और सल्फर जैसे कच्चे माल पर पहले आयात शुल्क 2.5 फीसदी था, जो अब सरकार ने हटा दिया है.

इन रसायनों पर भी हटा आयात शुल्क

इन मुख्य रसायनों के आयात शुल्क (Import Duty Of Chemicals) हटाया गया है उनमें मोनोमर्स और पॉलीमर्स, जिनमें एनहाइड्रस अमोनिया और मेथनॉल शामिल हैं. इन पर आयात शुल्क घटाकर शून्य  कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने यह छूट 2 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक मान्य रहेगी.

किसानों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा. अमोनियम नाइट्रेट जैसे केमिकल खाद बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. जब कंपनियों को यह कच्चा माल सस्ता मिलेगा, तो खाद बनाने की लागत भी कम होगी. इससे बाजार में खाद की कीमतें स्थिर रहेंगी और किसानों को DAP, NPK और यूरिया जैसी जरूरी खाद आसानी से मिल सकेगी. खरीफ सीजन (Kharif Season) से पहले यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि इसी समय किसानों को सबसे ज्यादा खाद की जरूरत होती है. सरकार ने पहले ही यह कोशिश कर दी है कि किसानों को बुवाई के समय खाद के लिए लाइन में न लगना पड़े और महंगे दाम भी न चुकाने पड़ें.

देश में पहले से बना है खाद का बड़ा स्टॉक

सरकार ने सिर्फ आयात शुल्क हटाने तक बात नहीं रोकी, बल्कि पहले से ही खाद का बड़ा बफर स्टॉक तैयार कर लिया है. उर्वरक विभाग के मुताबिक देश में इस समय 177 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक भंडार मौजूद है. इसमें DAP का 25.13 लाख मीट्रिक टन, NPK का 55.87 लाख मीट्रिक टन और यूरिया का 59.30 लाख मीट्रिक टन स्टॉक शामिल है. पिछले साल के मुकाबले यह भंडार 36.5 फीसदी ज्यादा है. यानी अगर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई  पर असर भी पड़ता है, तब भी किसानों को खाद की कमी महसूस नहीं होगी. खरीफ की बुवाई के दौरान यही स्टॉक सबसे बड़ा सहारा बनेगा.

ग्लोबल संकट के बीच सरकार की बड़ी तैयारी

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री रास्तों पर बढ़ते जोखिम की वजह से दुनिया भर में सप्लाई चेन पर असर पड़ा है. ऐसे में भारत सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए खाद की उपलब्धता मजबूत कर दी है. सरकार का यह कदम सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि केमिकल, दवा, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को भी राहत देगा. लेकिन सबसे बड़ी राहत किसानों को मिलेगी, क्योंकि खेती के मौसम में खाद की किल्लत सबसे बड़ा संकट बनती है.

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Published: 2 Apr, 2026 | 01:13 PM
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