Odisha News: ओडिशा के केंदुझार जिले में किसानों ने रविवार को प्रदर्शन किया. नाराज किसानों ने चंपुआ ब्लॉक के करंजिया LAMPS केंद्र पर धान खरीद में गड़बड़ी के खिलाफ सड़क जाम किया. किसानों का कहना है कि उन्हें शनिवार से खरीद शुरू होने की सूचना मिली थी, लेकिन जब वे केंद्र पर पहुंचे, तो खरीद शुरू नहीं हुई थी. निराश किसानों ने चंपुआ- करंजिया मुख्य सड़क जाम कर दी और तुरंत धान खरीद शुरू करने और अधिकारियों की जवाबदेही की मांग की. इससे ट्रैफिक कुछ समय के लिए बाधित हुआ. किसानों ने कहा कि अगर लापरवाही जारी रही, तो वे अपनी प्रदर्शन और तेज करेंगे. यह घटना कृषि खरीद व्यवस्था में लगातार मौजूद चुनौतियों और कटाई के समय किसानों की मुश्किलों को दिखाती है.
ओडिशा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय किसान बलभद्र बेहेरा ने कहा कि ओडिशा में धान खरीद 27 दिसंबर से शुरू होने वाली थी. लेकिन LAMPS अधिकारियों ने कहा कि अब उनका धान 3 जनवरी से खरीदा जाएगा, पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई. इससे पहले 1 जनवरी को खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने कहा था कि इस खरीदी सीजन में अब तक राज्य में 10.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जिससे लगभग 2.3 लाख किसानों को लाभ मिला है. किसानों के बैंक खातों में सीधे 2,350 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं.
11 लाख किसानों को टोकन दिए जा चुके हैं
मंत्री ने यह भी कहा कि अब तक लगभग 11 लाख किसानों को टोकन दिए जा चुके हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके. धान की खरीद मार्च तक चलेगी और राज्य सरकार सभी पात्र किसानों से धान खरीदने का लक्ष्य रखती है. साथ ही केंद्रीय सरकार ओडिशा से 6 लाख मीट्रिक टन चावल उठाने वाली है, जिसमें 5 लाख मीट्रिक टन पारबॉयल्ड और 1 लाख मीट्रिक टन कच्चा चावल शामिल है. बचा हुआ 1 लाख मीट्रिक टन चावल नीलामी के जरिए बेचा जाएगा.
बारगढ़ जिले में भी किसानों ने किया था प्रदर्शन
वहीं, पिछले महीने बारगढ़ जिले के पदमपुर उपखंड में शुक्रवार को किसानों के 12 घंटे के बंद के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा था. किसान मौजूदा खरीफ सीजन में धान खरीद सही तरीके से न होने के विरोध में बंद पर उतरे थे. बंद के दौरान सरकारी और निजी दफ्तर, बैंक, स्कूल-कॉलेज, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों पर वाहन भी नहीं चले थे. राजबोड़ासांबर कृषक संगठन के बैनर तले आंदोलन कर रहे किसानों का कहना था कि इस साल जिले में धान खरीद की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है.