India Agricultural Exports: भारत के कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पाद अब दुनिया के कई देशों में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. फल, बाजरा आधारित खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड फूड और जीआई टैग वाले उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है. इसका सबसे बड़ा फायदा देश के किसानों, महिला किसान समूहों और छोटे कारोबारियों को मिल रहा है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के खेतों से निकलने वाले उत्पाद अब दुनिया के नए बाजारों तक पहुंच रहे हैं. इससे किसानों को बेहतर कीमत मिल रही है, महिलाओं की आय बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं.
झारखंड के आम्रपाली आम ने विदेश में बनाई पहचान
झारखंड के आम्रपाली आम पहली बार ब्रिटेन और दुबई भेजे गए हैं. खास बात यह है कि इन आमों का उत्पादन एक महिला किसान उत्पादक कंपनी (FPO) ने किया है. निर्यात के बाद महिला किसानों की आय में करीब 180 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार किसानों की कमाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है.
कर्नाटक के मिलेट उत्पादों को मिला नया बाजार
देश में मोटे अनाज यानी मिलेट को बढ़ावा देने की मुहिम का असर अब विदेशों में भी दिखाई दे रहा है. कर्नाटक में तैयार किए गए मिलेट आधारित फंक्शनल फूड पहली बार न्यूजीलैंड भेजे गए हैं. इससे भारतीय मिलेट उत्पादों की वैश्विक लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.
जम्मू-कश्मीर के चेरी और प्लम की बढ़ी मांग
जम्मू-कश्मीर के अरेको चेरी और सेंट्रोस प्लम पहली बार अबू धाबी और दुबई निर्यात किए गए. इन फलों को विदेशों में अच्छी कीमत मिली, जिससे स्थानीय बागवानों की आय में करीब 120 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई.
From local farms to international shelves… India’s finest flavours are winning hearts worldwide! 🇮🇳📦🌍 pic.twitter.com/VMufO3ezZH
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 13, 2026
उत्तराखंड, पंजाब और असम की लीची भी पहुंची विदेश
उत्तराखंड की हिमालयन लीची पहली बार इटली भेजी गई. वहीं पंजाब की ताजा लीची भारत-ओमान सीईपीए (CEPA) समझौते के तहत पहली बार ओमान पहुंची. इसके अलावा असम की जीआई टैग तेजपुर लीची भी दुबई पहुंची, जहां किसानों को स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर दाम मिले.
रीवा, आंध्र का आम और ओडिशा का एग पाउडर भी चमका
मध्य प्रदेश के जीआई टैग रीवा सुंदरजा आम का निर्यात यूएई किया गया. इससे किसानों को स्थानीय बाजार के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत अधिक कीमत मिली. वहीं आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली आम पहली बार समुद्री रास्ते से सिंगापुर भेजे गए. दूसरी ओर ओडिशा से 22.6 टन सूखा होल एग पाउडर ऑस्ट्रिया निर्यात किया गया, जिसने यूरोप के कड़े क्वालिटी मानकों को भी पूरा किया.
वाराणसी के बिस्कुट भी पहुंचे ओमान
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बने बिस्कुट भी अब विदेशों तक पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में वाराणसी से पहली बार ओमान के लिए 40 टन बिस्कुट की खेप निर्यात की गई है. भारत-ओमान फ्री ट्रेड समझौते के तहत इनका निर्यात ओमान किया गया है. इससे देश के प्रोसेस्ड फूड उद्योग को नए बाजार मिलने की उम्मीद बढ़ी है.
किसानों और छोटे कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि हर नया निर्यात सिर्फ विदेशी बाजार तक पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने, महिला स्वयं सहायता समूहों और एमएसएमई (MSME) को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है. झारखंड के आम से लेकर कश्मीर के फलों, कर्नाटक के मिलेट और वाराणसी के बिस्कुट तक, भारतीय उत्पाद अब दुनिया भर में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के दम पर नई पहचान बना रहे हैं.