हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में भारी संख्या में जुटे किसानों और मजदूरों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुरुक्षेत्र स्थिति आवास का घेराव किया. किसान 23 फरवरी से तीन दिवसीय घेराव और महापड़ाव डाले हुए थे. किसान नेताओं ने कहा कि अमेरिकी ट्रेड डील के जरिए किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है और कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने के लिए यह डील की जा रही है. कहा गया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को रद्द किया जाए. नाराज किसानों ने पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के पुतले जलाए. मोर्चा की ओर से कहा गया है कि अगर ऐसे ही किसानों की अनदेखी की जाती रही तो फिर से बड़ा आंदोलन करने के लिए वह बाध्य होंगे.
सीएम को भेजी चिट्ठी में तुरंत एक्शन लेने की मांग की गई
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा (Haryana Kisan Mazdoor Sangharsh Morcha) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कुरुक्षेत्र स्थित मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास पर तीन दिवसीय पड़ाव आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश भर के किसानों और मजदूर इकट्ठा हुए और खेती-किसानी से जुड़े गंभीर मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया गया. मोर्चा के नेताओं ने उपायुक्त के जरिए हरियाणा के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों की लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
अमेरिकी ट्रेड डील या एफटीए एग्रीमेंट किसानों के खिलाफ
मोर्चा ने अमेरिका या अन्य देशों के दबाव में किसी भी प्रकार का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करने का कड़ा विरोध किया. संगठन का कहना है कि ऐसे समझौते भारतीय किसानों और खेत मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं. मोर्चा ने हरियाणा सरकार से मांग की कि वह केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ऐसे किसान विरोधी व्यापार समझौतों को तुरंत रद्द करने की सिफारिश करे.
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किसानों ने सीएम नायब सैनी के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया और पुतले जलाए.
हरियाणा किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगों की सूची
- किसानों और खेत मजदूरों का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाए.
- स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फार्मूले के आधार पर MSP की कानूनी गारंटी दी जाए और सभी फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए.
- फर्जी गेट पास और पोर्टल के माध्यम से धान खरीद में हुए कथित घोटालों की CBI से निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
- बाढ़, अधिक वर्षा, जलभराव और धान में फैले वायरल रोग से हुई फसल बर्बादी का मुआवजा तुरंत जारी किया जाए.
- बिजली बिल 2025 को रद्द किया जाए तथा स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले को वापस लिया जाए.
- भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कर किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण बंद किया जाए.
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार कर बीमा क्लेम प्रति एकड़ के आधार पर और समयबद्ध तरीके से दिए जाएं.
- किसान आंदोलन के दौरान किसानों और अन्य संघर्षशील लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.
- मनरेगा के बंद कार्य तुरंत शुरू किए जाएं और ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए.
- आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से फसलों और ग्रामीणों को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने किसान विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के पुतले भी फूंके. मोर्चा नेताओं ने कहा कि यह पुतला दहन किसानों के गुस्से और उनके हकों की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है. मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.