प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के लाभार्थी 22वीं किस्त का काफी समय से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है. पर अब किसानों को ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं है. कहा जा रहा है कि होली के बाद कभी भी पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी की जा सकती है. लेकिन इस योजना का लाभ केवल वहीं किसान उठा पाएंगे, जिन्होंने सारी शर्तें पूरी की हों. वरना 22वीं किस्त की राशि खाते में नहीं पहुंचेगी.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए एक प्रमुख आय-सहायता योजना है. इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जो तीन बराबर किश्तों में 2,000 रुपये हर चार महीने में उनके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं. 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई थी और 22वीं किस्त मार्च 2026 के अंत तक मिलने की संभावना है. सरकार ने भविष्य में भुगतान पाने के लिए किसानों को कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य किया है.
यूनिक किसान आईडी है जरूरी
सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब किसान आईडी लेना अनिवार्य हो गया है, ताकि अगली 2,000 रुपये की किस्त मिल सके. सरकार ने PM-KISAN योजना को यूनिक किसान आईडी सिस्टम से जोड़ा है, जो किसान रजिस्ट्री और एग्रीस्टैक पहल का हिस्सा है. जिन किसानों की आईडी इस सिस्टम में नहीं है, उन्हें 22वीं किस्त और भविष्य की किस्तों में देरी हो सकती है या भुगतान नहीं मिल सकता.
सरकार ने एक सत्यापित राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया है
यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि आर्थिक मदद सीधे असली जमीन वाले किसानों तक पहुंचे. सरकार ने एक सत्यापित राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया है, जिससे सिस्टम में धोखाधड़ी करने वाले या एक से ज्यादा बार लाभ लेने वाले किसानों को हटाया जा सके. इसका मकसद सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना है. किसान आईडी देशभर में कृषि रिकॉर्ड को डिजिटल करने की बड़ी योजना का हिस्सा भी है. इससे किसानों की जमीन और पहचान को आसानी से सत्यापित किया जा सकेगा. एक- डेटाबेस से लाभ जल्दी और सही तरीके से वितरित किए जा सकेंगे.
ई-केवाईसी लाभार्थियों के लिए है जरूरी
किसान आईडी अनिवार्य होने का मतलब यह नहीं है कि अन्य जरूरी प्रक्रियाएं बंद हो गई हैं. ई-केवाईसी (e-KYC) नियम अब भी PM-KISAN योजना के सभी लाभार्थियों के लिए जरूरी हैं. जिन किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें किश्त मिलने में देरी या रुकावट का सामना करना पड़ सकता है. किसान e-KYC प्रक्रिया ऑनलाइन PM-KISAN वेबसाइट पर जाकर पूरी कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल पर मिलने वाला OTP इस्तेमाल करना होगा. यह प्रक्रिया केवल कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है, लेकिन लाभार्थियों के लिए भुगतान जारी रखने के लिए यह जरूरी है.
कुल 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को दिए जा चुके हैं
PM-KISAN योजना के तहत अब तक कुल 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को दिए जा चुके हैं. नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में 21वीं किस्त जारी की, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को 18,000 करोड़ रुपये दिए गए. इससे पहले अगस्त 2025 में 20वीं किस्त में 9.8 करोड़ किसानों, जिनमें 2.4 करोड़ महिलाएं शामिल थीं, को लाभ मिला था. वहीं, सरकार बार-बार कहती रही है कि इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और गैर-औपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना है. सीधे मिलने वाली यह आर्थिक मदद किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में सक्षम बनाती है, जिससे फसल अच्छी रहती है और खेती लगातार चलती रहती है.
पीएम किसान योजना के लिए कौन पात्र है?
- वह भारत का नागरिक हो.
- उसके पास खेती योग्य जमीन हो.
- वह छोटा या सीमांत किसान हो.
- उसे हर महीने 10,000 रुपये या उससे अधिक पेंशन न मिलती हो.
- उसने आयकर रिटर्न दाखिल न किया हो.
- वह किसी संस्था या संस्थागत जमीन का मालिक न हो.