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खेतों में रोबोट, मोबाइल में डेटा, ड्रोन से निगरानी और GPS से कंट्रोल, किसानों के लिए जानिए कैसे बदल रही खेती
आज का किसान परंपरागत अनुभव के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहा है, जिससे खेती ज्यादा सटीक, कम खर्चीली और मुनाफे वाली बनती जा रही है. ड्रोन, GPS, सेंसर, मोबाइल ऐप और डेटा आधारित फैसले अब खेतों तक पहुंच चुके हैं. इन तकनीकों ने किसानों की सोच और काम करने के तरीके दोनों में बड़ा बदलाव किया है.
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अब खेतों में खुद चलेंगे ट्रैक्टर, कम मेहनत में होगी ज्यादा पैदावार, किसानों के लिए आई नई कमाल की टेक्नोलॉजी
GPS तकनीक का सबसे बड़ा फायदा तब सामने आता है जब इसे ऑटो-स्टीयरिंग सिस्टम के साथ जोड़ा जाता है. इस व्यवस्था में ट्रैक्टर खुद-ब-खुद तय की गई लाइनों पर चलता है. किसान को हर समय स्टीयरिंग पकड़कर बैठने की जरूरत नहीं होती, जिससे थकान कम होती है. लंबे समय तक काम करने पर भी बुवाई और जुताई में कोई टेढ़ापन नहीं आता.
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तेल रिसाव बना ट्रैक्टर की सेहत का दुश्मन, ऐसे करें समस्या का पक्का इलाज
जब ट्रैक्टर से तेल रिसने लगता है, तो यह न केवल काम को प्रभावित करता है बल्कि खर्च भी बढ़ा देता है. कई बार किसान इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका नतीजा इंजन खराब होने या बड़ी मरम्मत के रूप में सामने आता है. अगर समय रहते सही वजह पहचान ली जाए, तो तेल रिसाव की समस्या को आसानी से रोका जा सकता है.
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गलत सफाई से खराब हो सकता है पूरा सोलर सिस्टम, किसान जरूर समझें ये जरूरी बातें
खेतों में लगे सोलर पंप, सोलर फेंसिंग और घरों की छतों पर लगे पैनल हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं. लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि थोड़ी सी लापरवाही, गलत सफाई या अनजान गलतियों की वजह से पूरा सोलर सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है.
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डीजल की मार से परेशान किसान, जानिए कैसे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बना रहे हैं खेती को सस्ता और टिकाऊ
डीजल ट्रैक्टर अब तक इसलिए पसंद किए जाते रहे हैं क्योंकि वे ताकतवर और भरोसेमंद माने जाते हैं. लेकिन समय के साथ इनकी लागत किसानों की जेब पर भारी पड़ने लगी है. एक मध्यम क्षमता का डीजल ट्रैक्टर हर घंटे करीब तीन से चार लीटर ईंधन खपत करता है.
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सर्दियों में ट्रैक्टर स्टार्ट नहीं हो रहा? इन आसान तरीकों से मिनटों में होगा चालू
सर्दियों में ट्रैक्टर स्टार्ट न होने की सबसे बड़ी वजह बैटरी भी होती है. ठंड में बैटरी का फ्लूड सुस्त हो जाता है, जिससे वह पूरी पावर नहीं दे पाती. अगर बैटरी कमजोर है, तो ठंड में यह समस्या और बढ़ जाती है. रात को ट्रैक्टर खड़ा करने से पहले बैटरी की जांच जरूर करें.








