गलत सफाई से खराब हो सकता है पूरा सोलर सिस्टम, किसान जरूर समझें ये जरूरी बातें

खेतों में लगे सोलर पंप, सोलर फेंसिंग और घरों की छतों पर लगे पैनल हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं. लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि थोड़ी सी लापरवाही, गलत सफाई या अनजान गलतियों की वजह से पूरा सोलर सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 19 Jan, 2026 | 10:28 AM

Solar panel maintenance: आज के समय में सोलर पैनल किसानों के लिए सिर्फ बिजली का साधन नहीं, बल्कि लागत घटाने और खेती को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत आधार बन चुके हैं. खेतों में लगे सोलर पंप, सोलर फेंसिंग और घरों की छतों पर लगे पैनल हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं. लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि थोड़ी सी लापरवाही, गलत सफाई या अनजान गलतियों की वजह से पूरा सोलर सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है. कई बार पैनल समय से पहले खराब हो जाते हैं और किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि सोलर पैनल लगवाना जितना अहम है, उतना ही जरूरी है उसका सही रख-रखाव.

गलत सफाई से घट जाती है बिजली उत्पादन

कई किसान पैनल पर जमी धूल, मिट्टी या पक्षियों की गंदगी हटाने के लिए झाड़ू, कड़ा ब्रश या सूखा कपड़ा इस्तेमाल कर लेते हैं. देखने में यह आसान लगता है, लेकिन इससे पैनल की ऊपरी कांच की सतह पर महीन खरोंच पड़ जाती है. यही छोटी-छोटी खरोंच आगे चलकर धूप को ठीक से अंदर जाने से रोकती हैं और बिजली उत्पादन धीरे-धीरे कम होने लगता है. सोलर पैनल की सफाई हमेशा साफ पानी और मुलायम कपड़े या स्पंज से करनी चाहिए. इससे सतह सुरक्षित रहती है और पैनल पूरी क्षमता से काम करता है.

केमिकल का इस्तेमाल बन सकता है सबसे बड़ी गलती

कई लोग पैनल को चमकाने के चक्कर में डिटर्जेंट, फिनाइल या तेज केमिकल का सहारा ले लेते हैं. यह आदत पैनल के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. केमिकल से पैनल की सुरक्षा कोटिंग खराब हो जाती है, जिससे उसकी उम्र कम हो जाती है. लंबे समय में पैनल जल्दी गरम होने लगता है और बिजली उत्पादन अस्थिर हो जाता है. सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि सफाई के लिए सादा पानी या बहुत हल्का साबुन घोल इस्तेमाल किया जाए.

सही समय पर सफाई करना भी उतना ही जरूरी

कई किसान दोपहर की तेज धूप में ही पैनल पर पानी डाल देते हैं. गर्म पैनल पर अचानक ठंडा पानी पड़ने से थर्मल शॉक होता है, जिससे कांच में दरारें आ सकती हैं या दाग पड़ सकते हैं. यह नुकसान तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन कुछ महीनों बाद पैनल की क्षमता तेजी से गिरने लगती है. सोलर पैनल की सफाई हमेशा सुबह जल्दी या शाम के समय करनी चाहिए, जब धूप हल्की हो और पैनल ठंडा हो.

सुरक्षा को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

सफाई के दौरान कई बार लोग सिस्टम को चालू ही छोड़ देते हैं. यह बेहद जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि करंट लगने की आशंका रहती है. सही तरीका यह है कि सफाई से पहले इन्वर्टर और सोलर सिस्टम को पूरी तरह बंद कर दिया जाए. इससे न सिर्फ हादसे का खतरा खत्म होता है, बल्कि सफाई भी आराम से की जा सकती है.

ऊंचाई पर लगे पैनल की सफाई में बरतें सावधानी

खेतों या छत पर लगे ऊंचे सोलर पैनल तक पहुंचने के लिए सीधे ढांचे पर चढ़ जाना आम गलती है. इससे पैनल के फ्रेम को नुकसान हो सकता है और गिरने का खतरा भी रहता है. हमेशा मजबूत सीढ़ी का इस्तेमाल करें और कोशिश करें कि सफाई के समय दो लोग मौजूद हों. इससे काम भी आसान होगा और दुर्घटना की संभावना भी कम रहेगी.

सिर्फ सफाई नहीं, नियमित जांच भी है जरूरी

अक्सर किसान यह मान लेते हैं कि पैनल साफ है तो सिस्टम ठीक चल रहा होगा. जबकि हकीकत यह है कि समय-समय पर वायरिंग, कनेक्शन और बिजली उत्पादन की जांच भी जरूरी होती है. कभी-कभी चूहे, नमी या ढीले कनेक्शन की वजह से बिजली उत्पादन प्रभावित होने लगता है. साल में कम से कम एक बार किसी प्रशिक्षित तकनीशियन से पूरे सिस्टम की जांच कराना समझदारी भरा कदम है. इससे छोटी खराबी समय रहते पकड़ में आ जाती है और बड़ा खर्च बच जाता है.

लंबे समय तक फायदा पाने का आसान तरीका

अगर किसान थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो सोलर पैनल 20 से 25 साल तक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. साफ-सफाई, सही समय पर जांच और सुरक्षित तरीके अपनाकर न सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, बल्कि खेती को सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भी बनाया जा सकता है. सोलर पैनल एक बार का खर्च नहीं, बल्कि लंबे समय की पूंजी है बस जरूरत है उसे सही तरीके से संभालने की.

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