Karnataka News: कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने पूरे राज्य में नंदिनी दूध और दही के 10 रुपये वाले छोटे पैक लॉन्च किए हैं. इस पहल से अकेले रहने वाले लोगों, छात्रों और रोजाना खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे खर्च और खाने की बर्बादी दोनों कम होंगे. इस योजना के तहत नंदिनी आउटलेट्स पर 10 रुपये में 160 मिली दूध या 140 मिली दही खरीदी जा सकती है. यह कदम उन लोगों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिन्हें आधा लीटर या एक लीटर पैक की जरूरत नहीं होती और जिनके यहां दूध-दही अक्सर खराब हो जाता है.
KMF ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ताओं पर बढ़ते खर्च का बोझ कम करने के साथ-साथ शहरी इलाकों में बदलते खान-पान और जीवनशैली के अनुरूप है, जहां परिवार छोटे हो रहे हैं और सुविधा को ज्यादा तरजीह दी जा रही है. अकेले रहने वाले शहरी उपभोक्ताओं के लिए ये छोटे पैक सही मात्रा में खरीदारी की सुविधा देते हैं. इससे एक बार के भोजन या पेय के लिए जरूरत भर दूध-दही लिया जा सकता है और बर्बादी की चिंता नहीं रहती. हालांकि परिवार पहले की तरह बड़े पैक लेते रहेंगे, लेकिन ये मिनी पैक उन उपभोक्ताओं के लिए हैं जो ताजगी, किफायत और कम बर्बादी को महत्व देते हैं.
ऐसे लोगों को हो रहा काफी फायदा
इस पहल से उपभोक्ताओं के बजट पर भी राहत मिलती है. जब खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, तब 40-50 रुपये की बजाय सिर्फ 10 रुपये खर्च करना रोजमर्रा की योजना को आसान बनाता है. इससे उपभोक्ताओं को वह लचीलापन मिलता है, जो पारंपरिक डेयरी पैकेजिंग में अब तक कम देखने को मिलता था. कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं पर बढ़ते खर्च का बोझ कम करने के लिए उठाया गया है, साथ ही यह बदलती शहरी जीवनशैली को भी दर्शाता है. शहरों में परिवार छोटे हो रहे हैं, भोजन की मात्रा घट रही है और सुविधा अब मात्रा से ज्यादा अहम हो गई है. जहां परिवार पहले की तरह एक लीटर के पैक खरीदते रहेंगे, वहीं ये छोटे पैक उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जो ताजगी, जरूरत के मुताबिक खरीद और बिना बर्बादी के इस्तेमाल को प्राथमिकता देते हैं.
घी के दाम 90 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए थे
बता दें कि इससे पहले पिछले साल नवंबर महीने में कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ने अपने ब्रांड नंदिनी के नाम से बिकने वाले घी के दाम में 90 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए थे. ताजा बढ़ोत्तरी आज 5 नवंबर 2025 से लागू कर दी गई थी. वहीं, अप्रैल में मदर डेयरी, अमूल समेत कई दूध कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ाए थे.