हरियाणा में विकसित होगा स्मार्ट कृषि जोन, इस तरह खुलेगा किसानों की तरक्की का रास्ता

हरियाणा में स्मार्ट कृषि और औद्योगिक जोन विकसित होंगे. सभी औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के लिए किफायती आवास और स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर बनाए जाएंगे. ESIC अस्पतालों के लिए भूमि रियायती दरों पर मिलेगी. पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुधारी जाएंगी. IMT विस्तार और मेक इन हरियाणा प्रोग्राम भी लागू होंगे.

Kisan India
नोएडा | Published: 24 Jan, 2026 | 04:31 PM

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में जल्द ही एक स्मार्ट कृषि जोन और एक स्मार्ट औद्योगिक जोन विकसित किया जाएगा. इसमें किसानों और उद्योगपतियों को आधुनिक सुविधाएं और खास इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा. उन्होंने 2025-26 के बजट प्रस्तावों की समीक्षा बैठक में यह घोषणा की. बैठक में मानेसर, बावल और खुर्दली के औद्योगिक मॉडल टाउनशिप में मजदूरों के लिए डॉर्मिटरी और सिंगल-रूम हाउसिंग यूनिट्स की प्रगति देखी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के आवास की जरूरतों का आकलन किया जाए और जरूरत पड़ने पर औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ मिलकर व्यापक आवास योजना बनाई जाए. किफायती आवास न केवल मजदूरों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि उत्पादन और काम की गुणवत्ता भी बढ़ाएगा.

सैनी ने कहा कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएं, ताकि स्टार्टअप्स को कम दरों पर काम करने का अवसर मिले. मानेसर में AI और क्वांटम कंप्यूटिंग, और खुर्दली में इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए इनक्यूबेशन सेंटर के लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है. अन्य स्थानों पर इन सेंटरों की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है. हरियाणा के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले साल के बजट घोषणा के अनुसार, राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HUDA) द्वारा आवंटित लंबे समय से लटके औद्योगिक प्लॉट्स से जुड़े मुद्दे अब हल हो गए हैं. इन प्लॉट्स का पूरा प्रशासनिक और संचालन नियंत्रण अब HSIIDC को सौंप दिया गया है. इससे पहले प्लॉट मालिकों को ओक्युपेशन सर्टिफिकेट, प्रोजेक्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट और अन्य अनुमतियां लेने में काफी मुश्किलें आती थीं. सरकार का यह निर्णय उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.

पीने के पानी की आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटिंग

अधिकारी ने कहा कि CM द्वारा 2025-26 में ESIC अस्पतालों और डिस्पेंसरी के लिए कम दरों पर भूमि आवंटन की घोषणा को लागू कर दिया गया है. भविष्य में HSVP, HSIIDC, पंचायत या अन्य सरकारी विभागों से ESIC अस्पताल या डिस्पेंसरी के लिए भूमि 75 फीसदी रियायती दरों पर दी जाएगी. हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी 2022- 25 की अवधि को एक साल बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बेसिक नागरिक सुविधाओं जैसे सीवरेज, सड़क, पीने के पानी की आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटिंग को मजबूत किया जाए.

घोषणा पत्र में किए गए वादों की भी विस्तृत समीक्षा

बजट घोषणाओं की समीक्षा में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित करने, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) प्रोग्राम लागू करने, IMT मानेसर में जीरो वाटर वेस्टेज औद्योगिक क्षेत्र का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने, IMT खुर्दली का विस्तार, IMT अंबाला के पहले चरण को लागू करने, महेन्द्रगढ़ जिले में IMT स्थापित करने, मेक इन हरियाणा प्रोग्राम लॉन्च करने और गुरुग्राम में सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी लाने के लिए कहा. मुख्यमंत्री ने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों की भी विस्तृत समीक्षा की.

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