FMD Vaccination: पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में साल 2026 का खुरपका-मुंहपका (FMD) टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है. इस अभियान का मकसद पशुओं को खतरनाक बीमारी से बचाना, उनकी सेहत सुधारना और किसानों की आय को सुरक्षित करना है.
राज्य में शुरू हुआ बड़ा टीकाकरण अभियान
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) पशुपालन विभाग के अनुसार, प्रदेश सरकार के सहयोग से पूरे राज्य में FMD टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत गाय, भैंस, बकरी और अन्य पालतू पशुओं को मुफ्त में टीका लगाया जा रहा है, ताकि उन्हें खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारी से बचाया जा सके. यह बीमारी तेजी से फैलती है और एक पशु से दूसरे पशु में आसानी से पहुंच जाती है. इसलिए सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा पशुओं को कवर किया जाए, ताकि इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके.
टीकाकरण से बढ़ेगी इम्युनिटी और उत्पादन
विभाग ने बताया कि FMD टीकाकरण से पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इससे पशु बीमारियों से लड़ने में सक्षम होते हैं और उनकी सेहत बेहतर रहती है. स्वस्थ पशु ज्यादा दूध देते हैं और उनकी उत्पादकता भी बढ़ती है. अगर पशु बीमार पड़ते हैं, तो दूध उत्पादन में गिरावट आती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए समय पर टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी है.

टीकाकरण अभियान से पशुओं की सेहत और उत्पादन बढ़ेगा.
किसानों की आय बढ़ाने में मददगार
ये अभियान किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा. जब पशु स्वस्थ रहेंगे, तो उनकी देखभाल पर कम खर्च आएगा और उत्पादन ज्यादा मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आय का एक बड़ा स्रोत है. ऐसे में अगर पशु बीमार हो जाते हैं, तो किसानों की कमाई पर सीधा असर पड़ता है. इस अभियान के जरिए सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है.
पैसे वसूलने पर सख्त चेतावनी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने साफ कहा है कि पशुओं का टीकाकरण पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है, इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकता. बावजूद इसके, कई जगहों पर 10, 20 या 30 रुपये वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. ऐसे में अगर कोई आपसे टीकाकरण के नाम पर पैसे मांगता है, तो आप तुरंत शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1962 जारी किया है. इस नंबर पर कॉल कर पशुपालक अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और कार्रवाई सुनिश्चित करा सकते हैं.
पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस टीकाकरण अभियान (Vaccination) में जरूर भाग लें और अपने सभी पशुओं को समय पर टीका लगवाएं. इसके लिए गांव-गांव में टीमें भेजी जा रही हैं, जो घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं. विभाग लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि कोई भी पशुपालक इस सुविधा से वंचित न रह जाए.