Goat Disease: बकरी पालन में अक्सर लोग सोचते हैं कि घर की बची हुई सब्जियां या हल्का खराब चारा भी काम आ जाएगा. लेकिन यही छोटी सी लापरवाही कई बार बहुत बड़ा नुकसान कर देती है. खासकर कच्चा, अंकुरित या सड़ा-गला आलू बकरियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह उनके पेट में ऐसा जहरीला असर पैदा कर सकता है, जिससे बीमारी का पता चलने से पहले ही हालत बिगड़ जाती है. कई बार बकरी अचानक सुस्त पड़ती है, खाना छोड़ देती है और कुछ ही घंटों में गंभीर स्थिति बन जाती है. इसलिए बकरी पालकों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है कि हर घर में आसानी से मिलने वाली यह सब्जी उनके झुंड के लिए ‘साइलेंट किलर’ बन सकती है.
क्यों खतरनाक है कच्चा और खराब आलू?
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के डॉ. वाई के सोनी के अनुसार, बकरियों को कच्चा, सड़ा-गला या अंकुरित आलू खिलाना सबसे बड़ी गलती हो सकती है. ऐसे आलू में जहरीले तत्व तेजी से बढ़ जाते हैं, जो बकरी के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं. अक्सर पशुपालक बची हुई सब्जियां चारे के साथ डाल देते हैं, लेकिन बकरियों का पेट बहुत संवेदनशील होता है. आलू में मौजूद हानिकारक तत्व आंतों में जाकर जहरीले टॉक्सिन बनाने लगते हैं. यही कारण है कि यह सब्जी धीरे-धीरे जहर की तरह असर करती है.
पेट में बनता है जहर, अचानक बिगड़ती है हालत
विशेषज्ञों के मुताबिक खराब आलू खाने के बाद बकरियों में आंतों के अंदर टॉक्सिन बनने लगते हैं. शुरुआत में बकरी थोड़ा सुस्त दिखती है, चारा कम खाती है और बार-बार बैठने लगती है. कुछ ही समय में पेट दर्द, दस्त, पेट फूलना और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. कई मामलों में बकरी अचानक गिर जाती है और स्थिति तेजी से गंभीर हो जाती है. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कई बार बीमारी तब तक पकड़ में नहीं आती, जब तक नुकसान बहुत ज्यादा न हो जाए. इसलिए इसे पशुपालक साइलेंट किलर की तरह समझें.
इलाज मुश्किल, बचाव ही सबसे आसान रास्ता
डॉ. सोनी के अनुसार एक बार यह समस्या गंभीर हो जाए तो इलाज आसान नहीं रहता. कई बार दवा देने के बाद भी सुधार की संभावना कम होती है. इसीलिए सबसे सुरक्षित तरीका है बचाव पर ध्यान देना. बकरियों को हमेशा ताजा, साफ और संतुलित चारा ही देना चाहिए. अगर कभी आलू देना जरूरी लगे तो उसे अच्छी तरह उबालकर बहुत कम मात्रा में ही दें. सड़ा, अंकुरित या हरा पड़ा आलू बिल्कुल नहीं देना चाहिए, क्योंकि इसमें जहरीले तत्व सबसे ज्यादा होते हैं.
पशुपालकों के लिए जरूरी सावधानी
बकरी पालन में छोटी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है. घर में खराब पड़े आलू या सब्जियां ऐसी जगह न रखें, जहां बकरियां आसानी से पहुंच सकें. कई बार बकरी खुला पड़ा आलू खा लेती है और अचानक बीमार हो जाती है. चारा डालते समय यह जरूर देखें कि उसमें कोई सड़ा-गला हिस्सा न मिला हो. अगर किसी बकरी में अचानक सुस्ती, पेट फूलना या दस्त जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लें. विशेषज्ञ का कहना है कि साफ चारा, समय पर पानी और संतुलित आहार ही बकरियों को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है.