Fish Farming: पंगेशियस पालन में नई तकनीक का कमाल, बीमारी नहीं फैलेगी और उत्पादन ज्यादा होगा

मछली पालन में मौसम बड़ी चुनौती बनता है, खासकर सर्दियों में. लेकिन नर्सरी मॉडल और तालाब का तापमान नियंत्रित रखने जैसी आसान तकनीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. पंगेशियस मछली सही प्रबंधन से जल्दी तैयार होती है और सर्दियों में अच्छे दाम दिलाकर किसानों की आय बढ़ाती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 8 Mar, 2026 | 11:30 PM

मछली पालन अब सिर्फ तालाब में मछली छोड़ने तक सीमित नहीं रहा. बदलते मौसम और नई तकनीक ने इसे एक स्मार्ट बिजनेस बना दिया है. खासकर सर्दियों में जब मछलियों की बढ़त धीमी हो जाती है, तब सही तरीका अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. नर्सरी मॉडल और तालाब के तापमान को नियंत्रित करने जैसी आसान तकनीकें मछली पालन को और फायदेमंद बना रही हैं.

सर्दियों में क्यों धीमी हो जाती है मछलियों की ग्रोथ

सर्दियों के मौसम  में पानी का तापमान कम हो जाता है. इसका सीधा असर मछलियों की बढ़त पर पड़ता है. कई प्रजातियों की मछलियां ठंड में कम खाना खाती हैं और धीरे बढ़ती हैं. ऐसी स्थिति में अगर किसान पारंपरिक तरीके से पालन करते हैं, तो उत्पादन कम हो सकता है. लेकिन नई तकनीकों  की मदद से इस समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है.

तालाब ढककर रखें तापमान संतुलित

मछलियों की अच्छी  बढ़त के लिए पानी का तापमान संतुलित रखना जरूरी होता है. इसके लिए तालाब के एक हिस्से को पॉलिथीन या त्रिपाल से ढक दिया जाता है. इससे ठंडी हवा सीधे पानी को प्रभावित नहीं करती और तापमान थोड़ा गर्म बना रहता है. यह छोटा सा उपाय मछलियों की ग्रोथ को बनाए रखने में मदद करता है. इससे मछलियां सर्दियों में भी सक्रिय रहती हैं और उनका वजन तेजी से बढ़ता है.

नर्सरी मॉडल से सुरक्षित रहेगा सीड

मछली पालन में नर्सरी मॉडल को काफी उपयोगी माना जा रहा है. इसमें बड़े तालाब के एक छोटे हिस्से को नर्सरी के रूप  में तैयार किया जाता है. अगर एक हेक्टेयर तालाब है, तो लगभग 0.1 हेक्टेयर में नर्सरी बनाई जा सकती है. इस हिस्से में मछली का सीड सुरक्षित रखा जाता है. मौसम अनुकूल होने पर इन्हें पूरे तालाब में छोड़ा जाता है. फरवरी और मार्च में स्टॉक करने से मछलियां 3-4 महीने में तैयार हो सकती हैं. इस तरीके से मछलियों  के मरने का खतरा कम हो जाता है और उत्पादन बढ़ता है.

पंगेशियस पालन से बढ़ सकता है मुनाफा

पंगेशियस मछली तेजी से बढ़ने वाली प्रजाति मानी जाती है. बाजार में इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है. सर्दियों में इसकी कीमत  बढ़कर लगभग 130 से 140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जो सामान्य समय से ज्यादा होती है. अगर किसान नर्सरी मॉडल और तापमान नियंत्रण तकनीक अपनाएं, तो उत्पादन बेहतर हो सकता है. इससे कम समय में ज्यादा मछली तैयार होती है और कमाई दो से तीन गुना तक बढ़ सकती है. आज के समय में मछली पालन में नई तकनीक अपनाना ही सफलता की कुंजी बनता जा रहा है. सही योजना और छोटे-छोटे बदलाव से किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल कर सकते हैं और मछली पालन को एक मजबूत आय का जरिया बना सकते हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 8 Mar, 2026 | 11:30 PM

लेटेस्ट न्यूज़