Poultry Farming Tips : आज के समय में मुर्गी पालन ग्रामीण युवाओं के लिए कमाई का एक बेहतरीन साधन बनकर उभरा है. गांवों में तेजी से युवा इस व्यवसाय की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इसकी वजह बिल्कुल साफ है-कम जगह में शुरुआत, कम खर्च और रोजाना होने वाली पक्की आमदनी. खासकर सर्दियों के मौसम में अंडे और चिकन की मांग बढ़ जाती है, जिससे मुनाफे के मौके और मजबूत हो जाते हैं. यही कारण है कि नौकरी की तलाश छोड़ अब युवा अपने गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं. हालांकि, इस काम में थोड़ी सी लापरवाही पूरी कमाई को नुकसान में बदल सकती है, इसलिए सही जानकारी और देखभाल बेहद जरूरी है.
क्यों बढ़ रहा है मुर्गी पालन का चलन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुर्गी पालन ऐसा व्यवसाय है जिसे कोई भी व्यक्ति कम संसाधनों में शुरू कर सकता है. इसके लिए ज्यादा जमीन या बड़ी मशीनों की जरूरत नहीं होती. बढ़ती महंगाई और सीमित रोजगार के बीच यह काम युवाओं और छोटे किसानों के लिए एक मजबूत विकल्प बन रहा है. सरकार की योजनाओं के तहत सब्सिडी और प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से लोगों का भरोसा भी बढ़ा है. खास बात यह है कि सर्दियों में बाजार में अंडे और मांस की मांग तेज रहती है, जिससे आमदनी के मौके बढ़ जाते हैं.
खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का फायदा
मुर्गी पालन सिर्फ अंडे और मांस तक सीमित नहीं है. मुर्गियों से मिलने वाली बीट एक बेहतरीन जैविक खाद होती है, जिसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इससे खेतों की मिट्टी की ताकत बढ़ती है और फसल की पैदावार भी बेहतर होती है. इससे रासायनिक खाद पर खर्च कम होता है. कई किसान बीट बेचकर भी अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं. अगर किसी साल फसल खराब हो जाए, तो मुर्गी पालन आय का सहारा बना रहता है.
सर्दियों में यही एक गलती बनती है नुकसान की वजह
ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा नुकसान मुर्गियों की सही देखभाल न होने से होता है. कई बार तापमान गिरने से मुर्गियां बीमार पड़ जाती हैं या मर जाती हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुर्गीघर में ठंडी हवा का सीधा प्रवेश सबसे बड़ा खतरा है. अगर समय रहते सही इंतजाम न किए जाएं, तो पूरा बैच खराब हो सकता है और भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.
सर्दियों में मुर्गियों की सही देखभाल कैसे करें
ठंड में मुर्गीघर की दरारें, खिड़की और दरवाजों को अच्छी तरह बंद रखना चाहिए, ताकि ठंडी हवा अंदर न आए. इसके साथ ही, हवा के निकलने के लिए हल्का वेंटिलेशन जरूरी है. मुर्गियों को पीने के लिए हल्का गुनगुना पानी देना फायदेमंद रहता है. जमीन पर करीब 15 सेंटीमीटर मोटी सूखी बिछावन, जैसे पुआल या लकड़ी का बुरादा, बिछाना चाहिए ताकि नमी न रहे. साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और भीड़भाड़ से बचें.